श्रीनगर: आजादी के 80वें वर्ष की पूर्व संध्या पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि यह काम बिना किसी और देरी के होना चाहिए. अब्दुल्ला ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में कहा कि यह दिन लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, संवैधानिक मूल्यों और संघवाद के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर होना चाहिए.
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब राज्य मजबूत होते हैं, तो देश मजबूत होता है. इसी भावना से जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बिना किसी और देरी के बहाल किया जाना चाहिए. इससे न सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का सम्मान होगा, बल्कि भारतीय संघ की संघीय व्यवस्था भी मजबूत होगी. उन्होंने याद दिलाया कि दो साल पहले जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और चुनी हुई सरकार बनाई.
लेकिन यह सरकार अभी भी उन पूर्ण संवैधानिक और प्रशासनिक शक्तियों के बिना काम कर रही है, जो सामान्य रूप से किसी राज्य सरकार को मिलती हैं. अब्दुल्ला के मुताबिक, लोकतंत्र का सार यही है कि जनता का जनादेश वास्तविक अधिकार में बदले. फारूक अब्दुल्ला ने हजरतबल दरगाह पर नमाज अदा की और जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति, मुस्लिम उम्माह की भलाई तथा फिलिस्तीनी लोगों के कष्टों के अंत के लिए प्रार्थना भी की.