वाशिंगटन: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जनता से बड़ा दावा झूठ बोलने का आरोप लगा है. एक पूर्व सीआईए अधिकारी ने ईरान में अमेरिकी विमानों के भारी नुकसान की चौंकाने वाली बात कही है. जिस समय ट्रंप प्रशासन एक घायल हथियार अधिकारी को ईरान के अंदर से बचाने के ऑपरेशन की सफलता का जश्न मना रहा है, उसी दौरान पूर्व सीआईए एनालिस्ट लैरी जॉनसन ने पेंटागन की पूरी कहानी को गलत बताया.
उन्होंने दावा किया कि जो F-15 फाइटर जेट ईरान में गिराया गया, वह असल में नतांज के परमाणु ठिकाने पर हमला करने की तैयारी कर रहा था. जॉनसन के अनुसार, जब यह जेट गिरा तो एक पायलट को जल्दी बचा लिया गया, लेकिन दूसरा क्रू मेंबर काफी दूर जंगल में फंस गया. रेस्क्यू टीम ने उसे करीब 5 मील दूर से निकाला. उन्होंने सवाल उठाया कि स्पेशल फोर्सेज की सामान्य रेंज 300 मील तक होती है, फिर कुवैत से इस्फहान तक 250 मील की दूरी तय करने के बाद वापसी कैसे संभव हुई?
उन्होंने आगे कहा कि रेस्क्यू के नाम पर भेजा गया सी-130 विमान असल में दूसरे एयरक्राफ्ट को ईंधन भरने आया था. लेकिन ऑपरेशन बुरी तरह फंस गया. जॉनसन का सबसे बड़ा दावा यह है कि ईरान ने उसी दिन एक F-15 के अलावा दो ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टर, दो सी-130 ट्रांसपोर्ट प्लेन, चार लिटिल बर्ड हेलिकॉप्टर और एक ए-10 वॉरथॉग अटैक एयरक्राफ्ट भी मार गिराए.
इससे कुल मिलाकर करीब 400 मिलियन डॉलर के अमेरिकी विमान एक ही दिन में तबाह हो गए. जॉनसन ने इसे अमेरिकी सेना के लिए बड़ी आपदा बताया और कहा कि आधिकारिक बयान पूरी तरह से जनता को गुमराह करने वाले हैं. सोशल मीडिया पर जॉनसन का यह वीडियो तेजी से फैल रहा है. कई लोग इसे युद्ध के छिपे हुए खतरनाक पहलू के रूप में देख रहे हैं.दूसरी ओर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की आलोचना भी बढ़ रही है.
रिपब्लिकन सांसद कारबजल ने संसद में उन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे देश के लिए शर्म का सबब बन चुके हैं और नेतृत्व करने लायक नहीं हैं. कारबजल ने आरोप लगाया कि हेगसेथ उनके सवालों से बच रहे थे और सीधे जवाब नहीं दे रहे थे. बताया जा रहा है कि हेगसेथ ने हाल ही में आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज समेत कुछ वरिष्ठ जनरलों को उनके पद से हटा दिया था, जिससे पेंटागन में अंदरूनी अस्थिरता की चर्चा तेज हो गई है.