नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर CJP आंदोलन के सबक लेते हुए केंद्र सरकार E20 (20% इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) नीति के विरोध को बढ़ने से पहले ही काबू में करने की कोशिश कर रही है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को टीम भारत के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जो E20 नीति के तेजी से लागू किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले हैं.
टीम भारत के एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला के नेतृत्व में यह समूह 31 जुलाई को संसद मार्ग पर 'गाड़ी मार्च' निकालने वाला था. मुलाकात के बाद पूनावाला ने इसे सकारात्मक कदम बताया और कहा कि यह पहली बार है जब सरकार प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही बातचीत के लिए आगे आई है. वाहन मालिकों का आरोप है कि 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E20 का इस्तेमाल करने से इंजन खराब हो रहे हैं, माइलेज घट रहा है और मेंटेनेंस खर्च बढ़ गया है.
सरकार का दावा है कि E20 नीति वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर लागू की गई है और इसमें वाहन क्षति का कोई सीधा संबंध नहीं है. मुलाकात करीब 4 घंटे चली, जिसमें पेट्रोलियम, कृषि और उद्योग मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे. टीम भारत ने E10 पेट्रोल उपलब्ध कराने, शुद्ध पेट्रोल (E0) को सस्ते दाम पर देने, E20 पर 20% डिस्काउंट और नीति दस्तावेज सार्वजनिक करने जैसी मांगें रखी हैं. पूनावाला ने कहा कि मंत्री ने प्रदर्शन न करने की अपील की है, लेकिन वे समयसीमा तय करके सरकार को जवाब देंगे. दिल्ली पुलिस ने भी मार्च रोकने की अनुरोध किया है.
CJP आंदोलन का साया
यह बैठक CJP के लंबे आंदोलन के बाद हुई, जिसके चलते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था. सरकार अब किसी भी मुद्दे को सड़क पर नहीं लाना चाहती. AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी E20 नीति का विरोध कर रहे हैं और 1 अगस्त को प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं.
सरकार का यह सक्रिय रुख दिखाता है कि वह E20 नीति को लेकर बढ़ते असंतोष को बातचीत से सुलझाना चाहती है. टीम भारत ने कहा कि वे नीति को पूरी तरह रद्द नहीं करना चाहते, बल्कि सही तरीके से लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं. टीम भारत 31 जुलाई के मार्च पर अंतिम फैसला अभी लेना बाकी है.