स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कई अहम मुद्दों पर बात की। हालांकि, उनके संबोधन की अवधि को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है।
दरअसल, लाल किले से किया गया उनका इस वर्ष का संबोधन पिछले चार वर्षों में सबसे छोटा रहा, जो 75 मिनट तक चला। वहीं, वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री मोदी का भाषण 103 मिनट तक चला था, जो अब तक का उनका सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस संबोधन रहा है। इसके अलावा, वर्ष 2024 में उन्होंने 98 मिनट तक राष्ट्र को संबोधित किया था।
साल 2017 में प्रधानमंत्री मोदी ने 56 मिनट तक देश को संबोधित किया था, जो अब तक का उनका सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण माना जाता है। वहीं, वर्ष 2014 में लाल किले से उनका पहला संबोधन 65 मिनट तक चला था। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन था।
यदि पूर्व प्रधानमंत्रियों की बात करें तो इंदिरा गांधी ने लाल किले से 17 बार देश को संबोधित किया था। वहीं, भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी लगातार 17 बार स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित किया था।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के आर्थिक विकास के लिए "शक्ति" विचारधारा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सात शक्तियों के माध्यम से देश के विकास को नई गति मिलेगी और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में ये प्रमुख आधार स्तंभ की भूमिका निभाएंगी।