भोपाल : दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल के बीच मध्य प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. मतदान के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत भाजपा के सभी विधायक सदन में मौजूद रहे. वहीं सदन के भीतर भाजपा विधायकों ने जो हिन्दू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा और मुस्लिम तुष्टिकरण बंद करो जैसे नारे लगाए, जिसके बाद माहौल काफी गर्म रहा.
मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाला प्रमुख भाजपा शासित राज्य बन गया है. सरकार का कहना है कि यह कानून सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे नागरिक मामलों में समान नियम लागू करेगा.
विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में एक से अधिक विवाह (पॉलीगैमी) पर रोक, निकाह हलाला को अपराध घोषित करना, विवाह का अनिवार्य पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप का तय समय में रजिस्ट्रेशन, महिलाओं और पुरुषों को समान उत्तराधिकार अधिकार, तथा लिव-इन में छोड़ी गई महिला के भरण-पोषण का अधिकार शामिल हैं. हालांकि यह कानून अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होगा.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 44 की भावना के अनुरूप बताते हुए कहा कि राज्य में अब धर्म के आधार पर अलग-अलग नागरिक कानून नहीं, बल्कि सभी के लिए समान कानून लागू होगा. दूसरी ओर कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक और सामाजिक रूप से विभाजनकारी बताया.