Central Government Cabinet Meeting : देशभर में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों के बीच केंद्र सरकार ने कानून को और सख्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पेपर लीक रोकने के लिए संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है. प्रस्तावित संशोधन के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक कराने वालों, परीक्षा माफियाओं और उनसे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ पहले से कहीं अधिक कठोर दंड का प्रावधान किया गया है.
पुराना प्रावधान में सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम कानून के तहत पेपर लीक जैसे मामलों में अधिकतम 5 वर्ष तक की सजा और एक करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान था. नया प्रस्ताव में संगठित पेपर लीक मामलों में 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ तक जुर्माना लगाया जा सकेगा.
परीक्षा माफिया और संगठित गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई होगी. बड़े नेटवर्क और आर्थिक लाभ के उद्देश्य से किए गए पेपर लीक मामलों में दंड दोगुना करने का प्रस्ताव तय है. मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का प्रस्ताव है. भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. दोषियों की अवैध कमाई और संगठित अपराध पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कड़े आर्थिक दंड का प्रावधान बनाया गया है.
सरकार का कहना है कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं. प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना, नकल माफिया पर अंकुश लगाना और दोषियों के खिलाफ तेज एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है. हालांकि, यह प्रावधान संसद से विधेयक पारित होने के बाद ही कानून का रूप लेगा.