नई दिल्ली: दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा इंटरनेट सेवाएं और मोबाइल नेटवर्क बंद किए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी बिना रुके संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस को शक है कि प्रदर्शनकारी ब्लूटूथ पर चलने वाले विशेष ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बिना इंटरनेट के भी काम करते हैं.
ये ऐप्स Bluetooth Low Energy (BLE) तकनीक पर आधारित हैं. इनमें सबसे चर्चित Bitchat है, जिसे ट्विटर के संस्थापक जैक डोरसी ने 2025 में लॉन्च किया था. ये ऐप बिना अकाउंट बनाए या फोन नंबर दिए मैसेज भेजने की सुविधा देता है. जब कोई यूजर मैसेज भेजता है तो वह Bluetooth के जरिए आसपास के दूसरे फोनों तक पहुंचता है.
हर फोन उसे आगे रिले करता है और इस तरह एक मेश नेटवर्क बन जाता है. जितने ज्यादा लोग इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं, नेटवर्क उतना मजबूत और लंबी दूरी तक प्रभावी हो जाता है. दिल्ली पुलिस इन ऐप्स के प्रोवाइडर्स से यूजर जानकारी मांगने की तैयारी कर रही है. साथ ही सीसीटीवी फुटेज, फेशियल रिकग्निशन और अन्य तकनीकों से प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है.
ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल पहले भी दुनिया के कई आंदोलनों में देखा गया है, खासकर हांगकांग, यूक्रेन और नेपाल में. ये ऐप्स प्राकृतिक आपदाओं के समय संचार बनाए रखने में भी उपयोगी साबित होते हैं. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद लोग जुड़े रहने के नए-नए तरीके ढूंढ ही लेते हैं.