नई दिल्ली/वाशिंगटन: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में संभावित फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का नाम सचिव मार्को रुबियो की जगह विदेश मंत्री या व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ जैसे बड़े पदों के लिए चर्चा में है.
द वॉशिंगटन सन की रिपोर्ट में 10 सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि गोर ट्रंप के करीबी सहयोगी हैं और प्रशासन के अंदर उनके नाम पर चर्चा चल रही है. वे भारत के राजदूत के साथ-साथ दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष दूत भी हैं.
गोर कौन हैं और क्यों चर्चा में?
सर्जियो गोर पहले व्हाइट हाउस में सीनियर एड थे और ट्रंप के करीबी माने जाते हैं. नवंबर 2025 से वे नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत हैं. उन्होंने रुबियो, कॉमर्स सेक्रेटरी हावर्ड लटनिक सहित कई उच्च स्तरीय यात्राओं को सुविधाजनक बनाया है.
वे ट्रंप जूनियर के भी करीबी हैं और डील-मेकिंग पर फोकस करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, रुबियो 2028 या 2032 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी के लिए पद छोड़ सकते हैं. व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सुसी वाइल्स के पद पर भी सवाल उठ रहे हैं.
गोर ने क्या कहा?
गोर ने इस अटकलबाजी को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, “यह खबर पूरी तरह बकवास है. मार्को रुबियो इतिहास के सबसे योग्य और सफल विदेश मंत्री हैं. वे अपरिहार्य हैं और मेरे करीबी दोस्त हैं. मुझे किसी अन्य पद में जरा भी दिलचस्पी नहीं है.” स्टेट डिपार्टमेंट और व्हाइट हाउस ने भी इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताया है. फिर भी, गोर की बढ़ती भूमिका और ट्रंप से नजदीकी के कारण अटकलें जारी हैं.