Mamata Banerjee Press Conference: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि मैं हारी नहीं हूं, बल्कि मुझे हराया गया है. ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए उसे "असली विलेन" करार दिया. उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही, जिससे लोकतंत्र की भावना को ठेस पहुंची. उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए. ममता ने कहा कि वोटिंग के बाद EVM मशीनों में 80-90% बैटरी चार्ज बचा रहना संदेहास्पद है.
चुनाव से ठीक पहले उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां हुईं, छापेमारियां चलीं और कई आईपीएस-आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए. उनका आरोप है कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत थी. ममता बनर्जी ने इसे "सांठगांठ" वाला चुनाव बताया. उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से लगभग 90 लाख नाम काटे गए, कोर्ट में जाने पर 32 लाख नाम बहाल किए गए और बाद में करीब 7 लाख नाम चुपचाप जोड़ दिए गए, जिसकी आम जनता को जानकारी नहीं दी गई.
ममता ने दावा किया कि उनकी पार्टी की करीब 100 सीटें जबरन छीनी गईं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी चुनाव में सीधे हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया. TMC सुप्रीमो ने इसे अपने राजनीतिक जीवन का सबसे गंदा और चालाकी भरा चुनाव बताया.
INDIA गठबंधन पर जोर
ममता बनर्जी ने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन समेत INDIA गठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं ने उनसे बात की और पूरा समर्थन दिया. उन्होंने कहा कि अब वह एक साधारण कार्यकर्ता की तरह गठबंधन को और मजबूत करने में लगेंगी.
अब खुद को 'आजाद' बताती हैं ममता
हार के बाद ममता ने कहा कि अब उनके पास कोई सरकारी पद नहीं है, इसलिए वह एक आम नागरिक की तरह काम करेंगी. उन्होंने याद दिलाया कि पिछले 15 साल में उन्होंने न वेतन लिया और न ही पेंशन. अब वह खुद को पूरी तरह आजाद महसूस कर रही हैं और लोगों की सेवा में लगी रहेंगी. यह बयान ममता बनर्जी की चुनावी नतीजों को स्वीकार न करने और विपक्षी एकता को मजबूत करने की रणनीति को दर्शाता है.