बांग्लादेशियो-रोहिंग्याओं पर देश चुप है? UCC कानून की बजाय UGC कानून आता है? संसद में PM मोदी की कुर्सी को विपक्ष की महिला सांसद घेर लेती हैं, अमित शाह, राजनाथ सिंह राहुल गांधी को जवाब देते रहते हैं, इन्हीं तस्वीरों में वो राजनीतिक कहानी है जो हर कोई समझना चाहता है. अमेरिका के साथ भारत की डील? क्या पीएम मोदी झुक गए? या कोई ऐसी बात है जो छिपाई जा रही है? पिछले कुछ महीने से मोदी सरकार के कई फैसले साफ दर्शाते हैं कि वो विपक्ष की ताकत के सामने किसी समस्या में हैं...
वीडियो में ये तस्वीर देखिए, ऐसा पहली बार होता है, जब संसद में NDA के सभी सांसद बैठे हैं, लेकिन कांग्रेस के सभी सांसद खड़े हैं, यहां राहुल गांधी हैं, जो मैदान में डटे हैं, उनका साथ देने के लिए सभी विपक्षी पार्टियों के सांसद खड़े हो जाते हैं, कई बार राजनाथ सिंह, अमित शाह खड़े होते लेकिन बात बिगड़ जाती है, संसद में राहुल गांधी का माइक कई बार बंद किया जाता है..यहां राहुल गांधी संसद में कॉफी पीते हैं, जबकि बीजेपी नेता टेंशन में दिखते हैं, ये उस दिन की तस्वीरें हैं जिस दिन संसद में दो मुद्दा छिड़ा था...पहला मुद्दा था चीन के चार टैंक भारत की सीमा में घुसे थे, दूसरा मुद्दा था, एप्स्टीन फाइल्स में किसका नाम है? दो मार्च को संसद भवन के बाहर राहुल गांधी आते हैं, उनके बगल में दिखने वाली प्रियंका गांधी पीछे खड़ी दिखती हैं, यानि गांधी परिवार बेशक नंबर में ताकतवर हुआ है, लेकिन परिवार में कुछ ऐसा भी चल रहा है जो मीडिया में नहीं है...ये तस्वीरें बहुत कुछ इशारा करती हैं...
मोदी बदल रहे हैं या विपक्ष आगे बढ़ रहा है?
वीडियो की ये तस्वीर उस वक्त की है जब राहुल गांधी ने संसद में PM मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान गले लगाया था, इस बात पर बीजेपी ने बहुत हंगामा काटा था, लेकिन जब आज महिला सांसदों ने पीएम मोदी की कुर्सी को घेर लिया तब बीजेपी नेता कुछ नहीं कर पाए? तो असल में चल क्या रहा है ? आख़िर ऐसा क्या हो रहा है ? जो हमें आपको दिखाई नहीं दे रहा है!
क्या विपक्ष के पास कुछ ऐसा है, जिससे BJP डरी है?
वीडियो की अन्य तस्वीरें भी देखिए, यहां बीजेपी के नए अध्यक्ष बनाए गए नितीन नबीन हैं, यहां बीजेपी के चार नेता हैं,मोदी-शाह, राजनाथ और जेपी नड्डा...यहां भी शिवराज सिंह चौहान दिखाई नहीं देते हैं, ना ही इस फ्रेम में गडकरी दिखाई देते हैं! RSS की गुड लिस्ट में योगी आदित्यनाथ और शिवराज सिंह चौहान का नाम नंबर एक पर है, लेकिन इस फ्रेम में शिवराज सिंह चौहान का ना होना कई सवालों की तरफ इशारा करता है! ये पुरानी तस्वीर है, राजनाथ सिंह के बाद तब अमित शाह को बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया था, ये तस्वीर आपको बीजेपी के भीतर ख़त्म हो रहे लोकतंत्र की गवाही दे रही है...जब अमित शाह अध्यक्ष बनते हैं तब नितिन गडकरी ऐसे गुलदस्ता देते हैं, मंच पर कई ऐसे नेता दिखाई देते हैं जिनका पार्टी में उस वक्त कोई ख़ास कद नहीं था, ये हैं श्रीकांत जो योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री बने, उस वक्त ये भी मोदी-शाह के साथ दिखाई देते हैं, लेकिन आज की बीजेपी की क्या हालत है? शिवराज सिंह चौहान और नितिन गडकरी जैसे नेता गायब हैं? क्या बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं है? क्या पार्टी का लोकतंत्र अब बदल गया है?
"फिलहाल बीजेपी में कई तरह की टीम बन गई है"
कई सवाल तस्वीरों में हैं....विपक्ष के नेताओं के साथ बीजेपी के कई नेताओं की बढ़ती नज़दीकियां भी सवालों की तरफ इशारा करती है!राहुल गांधी की टीम में क्या बीजेपी के नेता भी शामिल हैं? कुछ समय पहले ही राहुल गांधी ने दावा किया था कि आपके लोग भी हमारे साथ जुड़े हैं, क्या वो कोई अधिकारी है? कोई नेता है?
मोदी-शाह का अचानक गांधी परिवार पर सॉफ्ट होना, अमेरिका के साथ डील करना, बीजेपी में बढ़ता असंतोष क्या कोई बड़ी घटना की तरफ इशारा करता है, इसका जवाब UP की राजधानी लखनऊ में तलाशा जा रहा है...दरअसल योगी आदित्यनाथ मोदी-शाह युग वाली बीजेपी के सबसे सफल मुख्यमंत्री माने जा रहे हैं, ऐसा भी कहा जा रहा है कि योगी के बढ़ते कद के कारण कई नेताओं को परेशानी हो रही है, इसलिए उन्हें इतना परेशान किया जा रहा है, योगी की कुर्सी जाएगी, केशव सीएम बनाए जाएंगे, ऐसा प्रचार बीजेपी पिछले 9 साल से क्यों नहीं रोक पाई? क्या बीजेपी में सिर्फ उसे आगे बढ़ाया जा रहा है जिसे मोदी-शाह पसंद करते हैं? श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मुरली मनोहर जोशी, लाल कृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बड़े नेताओं की पार्टी इतिहास में पहली बार सवर्ण जातियों के ख़िलाफ़ कदम उठाती है! सामाजिक न्याय के नाम पर हिन्दुओं को जातियों में बांटने का प्रयास बीजेपी के इतिहास में पहली बार होता है? तो क्या बीजेपी में ही कोई ऐसा है जो बीजेपी के बाकी नेताओं के दिल्ली का रास्ता रोक देना चाहता है ?
आख़िर क्यों कमज़ोर हो रहे हैं? बीजेपी अपना तरीका बदल कर सवर्ण जातियों के ख़िलाफ़ क्यों आती है? विपक्ष के हंगामे पर बीजेपी सांसदों की ये चुप्पी क्या कहती है ? अचानक मोदी-शाह की जोड़ी गांधी परिवार पर नरम क्यों हुई? बीजेपी पहली बार ऐसे मुकाम पर खड़ी है जहां उसके पार्टी के नेता ही जनता के बीच खुलकर अपना पक्ष नहीं रख पा रहे हैं? 2026 में मोदी-शाह को अग्निपरीक्षा से गुज़रना होगा, क्योंकि हर रास्ते पर विपक्ष की घेराबंदी है,कुछ रास्ते ऐसे हैं जहां अपने भी टकरा सकते हैं!