लंदन: ब्रिटेन में हिंदुओं के खिलाफ धार्मिक नफरत से प्रेरित अपराधों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यूके होम ऑफिस के आंकड़ों से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इंग्लैंड और वेल्स में मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच कुल 1,46,825 घृणा अपराध दर्ज किए गए. धार्मिक घृणा अपराधों में कुल 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. मुस्लिमों के खिलाफ भी 15 प्रतिशत, यहूदियों के खिलाफ 10 प्रतिशत, सिखों के खिलाफ 3 प्रतिशत और ईसाइयों के खिलाफ 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
मुस्लिम और यहूदियों के मामले में सबसे आम अपराध सार्वजनिक भय, अलार्म या परेशानी फैलाने वाले थे. हिंदू काउंसिल यूके के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल भनोत ने कहा कि हिंदुओं के खिलाफ गंभीर शारीरिक हमलों में बढ़ोतरी हो रही है. कई हिंदू शारीरिक हमला न होने पर चुप रहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अधिकारी कुछ नहीं करेंगे. भनोत ने बताया कि हिंदू मंदिर सुरक्षा के लिए सरकारी फंडिंग का आवेदन तो कर सकते हैं, लेकिन ऐतिहासिक रूप से उन्हें कुछ नहीं मिला.
सिनेगॉग और मस्जिदों के लिए समर्पित सुरक्षा योजनाएं हैं, जबकि मंदिरों को सामान्य फंडिंग के छोटे हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है. INSIGHT यूके (ब्रिटिश हिंदुओं के लिए एडवोकेसी ग्रुप) के प्रवक्ता ने कहा कि होम ऑफिस की लिखित टिप्पणी में सिर्फ यहूदियों और मुस्लिमों का जिक्र है, हिंदुओं का नहीं.
ब्रिटेन में हिंदू तीसरा सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय हैं. उनका एंटी-हिंदू हेट सर्वे (नवंबर में प्रकाशित होगा) में 2,688 जवाब आए, जिनमें हर व्यक्ति ने शारीरिक हिंसा, ऑनलाइन उत्पीड़न, मंदिर तोड़फोड़ या मीडिया-शिक्षा में हिंदू धर्म के गलत चित्रण का अनुभव बताया. ये आंकड़े ब्रिटेन में हिंदू समुदाय की सुरक्षा और रिपोर्टिंग को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं.