फ्लाईदुबई घटना के बाद एयर फ्रांस का बड़ा फैसला! पाकिस्तानी और मुस्लिम बहुल देशों के क्रू पर इजरायल की उड़ानों से बैन

Amanat Ansari 14 Oct 2026 04:54 PM 1 Mins
फ्लाईदुबई घटना के बाद एयर फ्रांस का बड़ा फैसला! पाकिस्तानी और मुस्लिम बहुल देशों के क्रू पर इजरायल की उड़ानों से बैन

पेरिस/नई दिल्ली: फ्लाईदुबई विमान में ओमानी को-पायलट द्वारा भारतीय कैप्टन पर हमले की घटना के बाद इजरायल ने सख्त पाबंदियां लगाई हैं. एयर फ्रांस ने इन पाबंदियों का पालन करते हुए पाकिस्तान समेत 31 देशों (ज्यादातर मुस्लिम बहुल) के क्रू सदस्यों को इजरायल की उड़ानों से प्रतिबंधित कर दिया है.

इजरायल के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को निर्देश दिया कि इजरायली हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने वाले पायलट और केबिन क्रू उन देशों की नागरिकता या दोहरी नागरिकता न रखते हों, जिनके साथ इजरायल के राजनयिक संबंध नहीं हैं. इसमें पाकिस्तान, ईरान, ओमान, सऊदी अरब, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, नाइजर समेत 31 देश शामिल हैं.

एयर फ्रांस ने अल जजीरा को दिए बयान में कहा, “सभी एयरलाइंस की तरह हमें भी उन देशों के प्रवेश नियमों का पालन करना होता है, जहां हम सेवा देते हैं. तेल अवीव की उड़ानों के लिए इजरायली अधिकारियों के नए नियमों की जानकारी संबंधित स्टाफ को दे दी गई है.”

फ्लाईदुबई घटना से जुड़ाव

यह पाबंदी 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में हुई घटना के एक दिन बाद आई. ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान को इजरायल में क्रैश कराने की कोशिश की. चेक एयरलाइन स्मार्टविंग्स ने भी निर्देश मिलने की पुष्टि की है. यूनाइटेड एयरलाइंस ने कोई टिप्पणी नहीं की.

भेदभाव के आरोप

फ्रांसीसी कानून विशेषज्ञों का कहना है कि यह नीति राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव कर सकती है और फ्रांसीसी श्रम कानून का उल्लंघन हो सकता है. पेरिस स्थित वकील क्लारा गैंडिन ने कहा कि 31 देशों के हर नागरिक को संभावित सुरक्षा खतरा मानना भेदभावपूर्ण पूर्वाग्रह है.

एयर फ्रांस के आंतरिक मेमो में चेतावनी दी गई थी कि निर्देश का पालन न करने पर कंपनी और कर्मचारी दोनों पर कार्रवाई हो सकती है. कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति अन्य देशों द्वारा भी अपनाई जा सकती है, जिससे क्रू शेड्यूलिंग जटिल हो जाएगी.

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