हैदराबाद/नई दिल्ली: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का यूरोप दौरा एक बार फिर विवादों में घिर गया है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ब्लावत्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रोफेसर माया ट्यूडर से मुलाकात की. इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद भाजपा ने तीखा हमला बोला और माया ट्यूडर को एंटी-इंडिया करार दिया.
भाजपा सांसद अरविंद धर्मपुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ''ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ब्लावत्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट की प्रोफेसर माया ट्यूडर से मिलिए, जिन्होंने कई भारत-विरोधी लेख लिखे हैं, जिनमें भारत का लोकतंत्र क्यों मर रहा है (Why Indias Democracy Is Dying) भी शामिल है. रेवंत रेड्डी, जो इत्तेफाक से मुख्यमंत्री बने हैं, आज उनसे मिल रहे हैं. इससे पता चलता है कि उनमें जरा भी शर्म नहीं बची है और वे भारत-विरोधी ताकतों के साथ मिल गए हैं.
माया ट्यूडर का विवादित लेख
माया ट्यूडर ने वर्ष 2023 में ‘जर्नल ऑफ डेमोक्रेसी’ में ‘Why India’s Democracy Is Dying’ शीर्षक से एक लेख लिखा था. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल के दौरान भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का विश्लेषण किया था. इस लेख की काफी आलोचना हुई थी.
कौन हैं प्रो. माया ट्यूडर?
ऑक्सफोर्ड के ब्लावत्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में पॉलिटिक्स और पब्लिक पॉलिसी की प्रोफेसर माया ट्यूडर अपने क्षेत्र की जानी-मानी विशेषज्ञ हैं. उनकी रिसर्च लोकतांत्रिक और प्रभावी सरकारों के बनने की प्रक्रिया पर केंद्रित है, जिसमें दक्षिण एशिया पर विशेष ध्यान दिया गया है.
उन्होंने 2013 में किताब ‘द प्रॉमिस ऑफ पावर: द ओरिजिन्स ऑफ डेमोक्रेसी इन इंडिया एंड ऑटोक्रसी इन पाकिस्तान’ लिखी थी. इसमें आजादी के बाद भारत और पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थापना का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है. उनके शोध विषयों में राष्ट्रवाद, तानाशाही और लोकतंत्र शामिल हैं. वह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों पर लगातार अध्ययन करती रहती हैं.
भाजपा का आरोप है कि ट्यूडर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की आलोचना करती रही हैं, इसलिए उनकी मुलाकात को गलत बताया जा रहा है. वहीं, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की यूरोप यात्रा पहले भी चर्चा में रही थी, जब सरकार ने उन्हें अमेरिका यात्रा की इजाजत नहीं दी थी. इस पूरे प्रकरण ने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी है.