गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी की आलोचना का जवाब देते हुए उन्हें पागल करार दिया. सरमा ने गिरफ्तारी का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस ने पुराने मामलों में लंबित वारंट के आधार पर कार्रवाई की है. हिमंत सरमा ने कहा, ''जब भी मैं राहुल गांधी को देखता हूं तो हंसने लगता हूं. ये पागल आदमी हैं... कभी दाढ़ी रखते हैं, कभी साफ-सुथरे रहते हैं, कभी विदेश में होते हैं तो कभी भारत में. ये सिर्फ एक पागल व्यक्ति हैं.''
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने हत्या के आरोपी को चुनाव लड़ने की अनुमति दी. सरमा ने कहा, ''2007 में उनके खिलाफ दो-तीन हत्या के मामले दर्ज थे. जब ऐसी बातें सामने आती हैं तो पुलिस को गिरफ्तार करना ही पड़ता है, ये उनका कर्तव्य है.''
गिरफ्तारी का मामला
मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े चार गैर-जमानती मामलों में गिरफ्तार किया गया है. इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, सबूत गायब करना, दंगा और हथियारों के इस्तेमाल के आरोप शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि पहले भी उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की गई थी, लेकिन वे फरार थे.
कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए हैं और इसे विपक्ष को निशाना बनाने की कोशिश बताया है. वहीं भाजपा ने इसे लंबित आपराधिक मामलों से जोड़ा है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बीजेपी का पुराना फॉर्मूला है, पुराने केस निकालना. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल के कांग्रेस को समर्थन देने के ऐलान के बाद ये कार्रवाई हुई है.