लखनऊ: बसपा अध्यक्ष मायावती ने पार्टी में परिवारिक सदस्यों की भूमिका को लेकर बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि भतीजे आकाश आनंद और उनकी बहन को अब पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. इसके बजाय छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे ईशान आनंद को आगे बढ़ाया जाएगा.
मायावती ने 23 सितंबर को होने वाली अखिल भारतीय बैठक से पहले एक्स पर पोस्ट कर यह ऐलान किया. उन्होंने कहा कि पार्टी के हित और अपने अनुभव को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है. आकाश आनंद और उनकी बहन को जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला अब नहीं बदला जाएगा.
आकाश आनंद को क्यों दूर रखा?
मायावती ने बताया कि परिवार के अनुरोध पर उन्होंने पहले आकाश आनंद को राजनीति में लाया था. लेकिन शादी के बाद उनके व्यवहार और गतिविधियों के कारण उन्हें फिर से पार्टी से अलग करना पड़ा. मायावती के अनुसार, आकाश आनंद अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के साथ “पूरी तरह उलझ” गए हैं. उन्हें वापस लाना “गंभीर विश्वासघात” और “पार्टी विरोधी गलत काम” होगा, जिसकी वे इजाजत नहीं देंगी.
उन्होंने आकाश की बहन के शादी के बाद इसी तरह की स्थिति बनने की आशंका का भी जिक्र किया. इसलिए पार्टी के हित में दोनों को पूरी तरह जिम्मेदारी से दूर रखना उचित समझा गया.
ईशान आनंद को मिलेगी जिम्मेदारी
मायावती ने कहा कि ईशान आनंद को पार्टी में “सम्मानजनक जिम्मेदारी” दी जाएगी. उनका मानना है कि उन्हें आकाश जैसी जटिलताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा. हालांकि शर्त यह है कि अगर ईशान कोई “गंभीर पार्टी विरोधी काम” करते हैं तो उन्हें भी हटा दिया जाएगा. ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी और सदस्य को जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, बल्कि दलित वर्ग के समर्पित कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जाएगा.
मायावती ने कांशीराम और बाबासाहेब अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भी परिवार से ऊपर संगठन के हित को रखा. उन्होंने कहा, “पूरा बहुजन समाज मेरा असली परिवार है.”