राजस्थान निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, 7 में से 6 नगर निगमों पर भाजपा का कब्जा

Amanat Ansari 21 Sep 2026 07:17 PM 2 Mins
राजस्थान निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, 7 में से 6 नगर निगमों पर भाजपा का कब्जा

जयपुर: राजस्थान के नगर निकाय चुनाव के बाद सोमवार को मेयर और अध्यक्ष पद के चुनाव में कई चौंकाने वाले नतीजे सामने आए. जिन शहरों में पार्षदों की संख्या कांग्रेस के पक्ष में थी, वहां भी भाजपा मेयर की कुर्सी पर काबिज हो गई. कुल 7 नगर निगमों में से 6 में भाजपा के मेयर चुने गए, जबकि कांग्रेस को सिर्फ बीकानेर में सफलता मिली. अजमेर नगर निगम में कांग्रेस के पास भाजपा से अधिक पार्षद होने के बावजूद भाजपा की अनामिका शर्मा मेयर चुनी गईं.

उन्हें 43 वोट मिले, जबकि भाजपा के सिर्फ 32 पार्षद ही जीतकर आए थे. इससे साफ है कि क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय पार्षदों ने निर्णायक भूमिका निभाई. पाली नगर निगम में भी इसी तरह का राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला. यहां भाजपा की नमिता बुबकिया मेयर बनीं. उन्हें 33 वोट मिले, जबकि भाजपा के केवल 21 पार्षद थे. दूसरी ओर कांग्रेस की सुमित्रा जैन को महज 3 वोट ही मिल सके, हालांकि कांग्रेस के 29 पार्षद जीते थे.

बीकानेर में कांग्रेस ने पलटा खेल

बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए मेयर की कुर्सी हासिल कर ली. पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे और कांग्रेस नेता अनिल कल्ला मेयर चुने गए. यह प्रदेश के 7 नगर निगमों में कांग्रेस की एकमात्र जीत रही. भाजपा के पारस सिंघवी मेयर चुने गए. उन्होंने कहा कि कार्यभार संभालने के दूसरे दिन से ही शहर में बदलाव दिखेगा और अगले चुनाव में नगर निगम को कांग्रेस-मुक्त बनाने का प्रयास करेंगे.

भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने जीत दर्ज की. उन्हें 42 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले. बारां की अटरू नगरपालिका: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के भाई कृष्ण मुरारी दिलावर को कांग्रेस की निशा नैनीवाल ने महज 3 वोट से हरा दिया. कांग्रेस के प्रदीप नागर अध्यक्ष चुने गए. उन्होंने भाजपा के धनराज चौरसिया को सिर्फ 1 वोट से हराया. यहां दोनों पार्टियों के 16-16 पार्षद थे, लेकिन 3 निर्दलीय पार्षदों ने कांग्रेस के पक्ष में फैसला किया.

अंता में चौथी बार कांग्रेस का बोर्ड बना. राजस्थान के 309 शहरी निकायों में से 32 में निर्विरोध चुनाव हो चुके हैं. इनमें भरतपुर और भीलवाड़ा नगर निगम के मेयर समेत 6 नगर परिषद सभापति और 24 नगरपालिका अध्यक्ष शामिल हैं. तीन नगर निगम समेत चार निकायों में 25 सितंबर को चुनाव होने हैं.

अजमेर में हंगामा और केकड़ी में आरोप

अजमेर नगर निगम परिसर के बाहर मेयर चुनाव से पहले हंगामा हो गया. कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह मेयर पद की दावेदार किरण गढ़वाल को लेकर पहुंचे तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया. केकड़ी नगरपालिका में भाजपा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए. भाजपा का दावा है कि कांग्रेस के प्रत्याशी अनिल मित्तल ने भाजपा पार्षद राजेंद्र चौधरी को 51 लाख रुपए के बदले वोट देने का ऑफर दिया. इस वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.

मंगलवार को डिप्टी मेयर के चुनाव

मेयर और अध्यक्ष चुनाव के बाद मंगलवार को 305 शहरी निकायों में डिप्टी मेयर, उपसभापति और उपाध्यक्ष के चुनाव होंगे. इनमें 7 नगर निगमों में डिप्टी मेयर, 47 नगर परिषदों में उपसभापति और 251 नगरपालिकाओं में उपाध्यक्ष चुने जाएंगे. श्रीगंगानगर के श्रीविजयनगर में तीन पार्षदों पर फायरिंग और अपहरण के आरोप भी सामने आए हैं. पुलिस जांच कर रही है. कुल मिलाकर राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पार्षदों की संख्या के बावजूद क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय समर्थन मेयर की कुर्सी तय कर सकता है.

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