नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के ‘हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता’ वाले विवादास्पद बयान के बाद हिन्दू सेना ने केंद्र सरकार से उनके पद्म श्री सम्मान को तुरंत वापस लेने की मांग कर दी है. हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर यह मांग उठाई है.
विष्णु गुप्ता ने ज्ञापन में लिखा है कि पद्म श्री जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार उन लोगों के पास नहीं रहने चाहिए, जिन पर देश-विरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोप हैं. उन्होंने कहा कि हामिद अंसारी के बयान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब कर रहे हैं और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
हिन्दू सेना की क्या है मांग?
विष्णु गुप्ता ने कहा, “उच्चतम संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से देश की अखंडता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति पूर्ण निष्ठा की अपेक्षा की जाती है. राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने और हिंदू समुदाय को बार-बार निशाना बनाने के गंभीर आरोपों को देखते हुए, हामिद अंसारी ने भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक को अपने पास रखने का नैतिक अधिकार खो दिया है. हम केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह करते हैं कि वह तुरंत उनका पद्म श्री सम्मान वापस ले और इन मामलों की उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दे.” हामिद अंसारी को 1984 में पद्म श्री सम्मान मिला था.
विवाद की जड़ क्या है?
शनिवार को नई दिल्ली के ‘इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर’ में दिवंगत संविधान विशेषज्ञ ए.जी. नूरानी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में हामिद अंसारी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक पुराने कथन का जिक्र किया था. उन्होंने कहा कि नेहरू के अनुसार “भारत के लिए असली खतरा साम्यवाद नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है.”
अंसारी ने नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब ‘द आरएसएस: ए मेनेस टू इंडिया’ का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में नागरिक राष्ट्रवाद के स्थान पर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का नया और काल्पनिक रूप उभर रहा है, जो चुनावी बहुमत को धार्मिक बहुमत के रूप में पेश करता है, नागरिकों को धर्म के आधार पर बांटता है और असहिष्णुता को बढ़ावा देता है.
भाजपा और सीएम योगी की प्रतिक्रिया
भाजपा ने अंसारी के बयान पर तीखा हमला बोला. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अंसारी की टिप्पणियों से कांग्रेस का ‘मुस्लिम लीग-माओवादी’ चरित्र उजागर हो गया है. उन्होंने कहा कि नेहरू साम्यवाद को खतरा मानते थे, लेकिन आज कांग्रेस अति-वामपंथी हो गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अंसारी के बयान को भारत, भारतीय संस्कृति और परंपरा के खिलाफ बताया.
उन्होंने कहा कि ऐसे बयान भारत की छवि धूमिल करने और सनातन परंपरा को अपमानित करने वाले हैं. हिन्दू सेना के ज्ञापन के बाद अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है.