पटना: बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. LGBTQ नेता और भंग हो चुके बिहार ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के पूर्व सदस्य राजन सिंह ने लोजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को ‘ट्रांसजेंडर’ बता दिया. इस बयान पर हम नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी बुरी तरह भड़क गए.
मांझी ने सम्राट चौधरी सरकार से राजन सिंह पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.
राजन सिंह ने क्या कहा?
राजन सिंह ने दावा किया, “चिराग पासवान खुद ट्रांसजेंडर समुदाय से हैं, लेकिन अपनी पहचान छुपाते हैं. पूरा देश-दुनिया जानता है कि वे ट्रांसजेंडर समुदाय से हैं. हम चाहते हैं कि वे खुद घोषित करें कि वे ट्रांसजेंडर समुदाय से हैं, तो हम उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए सड़कों पर उतर जाएंगे.” राजन सिंह अक्सर भाजपा नेताओं के साथ नजर आते हैं और अपनी विवादास्पद टिप्पणियों से चर्चा में रहते हैं. इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान बताते हुए पटना में मोदी मंदिर बनाने का ऐलान किया था. दिल्ली के प्रेस क्लब में उन्होंने पीएम मोदी की आरती भी उतारी थी और मोदी चालीसा का पाठ किया था.
जीतन राम मांझी का गुस्सा
इस अटपटे बयान पर जीतन राम मांझी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “किसी केंद्रीय मंत्री पर अभद्र टिप्पणी कर उन्हें ट्रांसजेंडर बताना कहीं से ठीक नहीं. मैं बिहार सरकार से केंद्रीय कैबिनेट में हमारे साथी चिराग पासवान पर अभद्र टिप्पणी करने वाले के ऊपर कार्रवाई करने की मांग करता हूं.” मांझी ने साफ कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री के खिलाफ ऐसी अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जा सकती.
क्या है पूरा मामला?
बिहार की दलित राजनीति में जीतन राम मांझी और चिराग पासवान अक्सर आमने-सामने रहते हैं. मांझी ‘कोटा के अंदर कोटा’ की मांग करते हैं और संपन्न दलितों पर सवाल उठाते हैं, जबकि चिराग पासवान एससी कोटा में क्रीमी लेयर के विचार का विरोध करते हैं. उनका कहना है कि आरक्षण का आधार आर्थिक नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे भेदभाव, उत्पीड़न और छुआछूत है. राजन सिंह के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है. अब देखना होगा कि बिहार सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है.