पटना: बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ हुई खुलेआम बदसलूकी की घटना पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने वायरल वीडियो को बेचैन करने वाला बताते हुए बिहार सरकार पर सवाल उठाए और सभी आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “जमुई का यह वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है. 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया. उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया. बच्ची हाथ जोड़कर जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे.”
उन्होंने सवाल किया कि इन लोगों को ऐसी बदतमीजी करने का हक किसने दिया? राहुल गांधी ने इस घटना को पितृसत्तात्मक सोच से जोड़ते हुए कहा कि यह किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर पुरुष द्वारा नियंत्रण करने जैसा है. उन्होंने पिछले महीने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में दिए “पितृसत्ता को ध्वस्त करो” नारे का जिक्र करते हुए कहा कि जब ऐसी सोच को सामान्य ठहराया जाता है तो भीड़ इसे अपना लेती है.
राहुल गांधी ने मांग की कि वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान हो और आरोपियों पर पॉक्सो कानून के तहत मुकदमा चलाकर जल्द सजा दी जाए. उन्होंने पूछा कि अगर घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
क्या है जमुई का मामला?
19 सितंबर को जमुई जिले में स्कूटी से कोचिंग से लौट रही नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त को बीच सड़क पर कुछ लोगों ने घेर लिया और उनके साथ अश्लील हरकतें तथा बदसलूकी की. दोनों गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन कोई दया नहीं आई. एक आरोपी लड़की को उठाकर ले जाने लगा, जिसे उसके दोस्त ने संघर्ष करके छुड़ाया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई. बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कठोर कार्रवाई का आदेश दिया है. पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है. राहुल गांधी के बयान के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है.