नई दिल्ली: बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित ‘पीडीए रथ’ पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे सपा के लाल रंग से ज्यादा आरएसएस-भाजपा के भगवा रंग वाला बताया और आरोप लगाया कि अखिलेश वोटों के स्वार्थ में गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं.
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी हेतु सपा प्रमुख का प्रचारित ‘पीडीए रथ’ सपा के अपने लाल रंग का कम तथा आरएसएस/भाजपा के ‘भगवा’ रंग का (भगवाकरण) ज्यादा है. ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब वोटों के स्वार्थ की खातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है.”
उन्होंने कहा कि यूपी के मुस्लिम समाज को अब अहसास हो गया है कि पिछले चुनावों में सपा को एकतरफा वोट देने के बावजूद पार्टी भाजपा को सत्ता में आने से नहीं रोक पाई. इसलिए अब वे ब्राह्मण समाज की तरह अपना रुख तेजी से बसपा के पक्ष में बदल रहे हैं.
मायावती ने सपा पर आरोप लगाया कि चुनावी स्वार्थ में पार्टी कभी पीडी को ‘पिछड़ा-दलित’ बताती है, तो कभी ‘पंडित’ और कभी अंबेडकरवादी बनने के चक्कर में नीला वस्त्र पहनकर तस्वीरें खिंचवाती है, जिसे लोगों ने फर्जी अंबेडकरवादी कहकर खारिज कर दिया.
उन्होंने बसपा को सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय की नीति वाली असली अंबेडकरवादी पार्टी बताते हुए कहा कि यूपी को अपराध नियंत्रण, कानून का राज और विकास के लिए बसपा की जरूरत है. गौरतलब है कि अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली से पीडीए रथ के जरिए अपना चुनावी अभियान शुरू करने जा रहे हैं. इस पर मायावती के बयान से सपा-बसपा के बीच राजनीतिक घमासान तेज होने के संकेत हैं.