लखनऊ : शमी अहमद और जयंत चौधरी की मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की 2027 विधानसभा चुनावी चर्चाओं को गरमा दिया है. जयंत चौधरी ने शमी के साथ मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या अमरोहा के स्टार क्रिकेटर राजनीति में नई पारी शुरू कर सकते हैं. हालांकि, शमी या राष्ट्रीय लोक दल की तरफ से चुनाव लड़ने अथवा पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अमरोहा विधानसभा सीट को लेकर हो रही है. 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां समाजवादी पार्टी के महबूब अली ने 1,28,735 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी के राम सिंह 57,699 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे. कुल 3,15,526 मतदाता थे और 70.7 प्रतिशत मतदान हुआ था.
अमरोहा में मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी हिस्सेदारी लंबे समय से चुनावी समीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है. 2022 से पहले प्रकाशित चुनावी रिपोर्टों में इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत बताई गई थी.
शमी को लेकर चर्चा इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि वह अमरोहा से ताल्लुक रखते हैं और लंबे समय से भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम रहे हैं. 9 मार्च 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था.
अब राजनीतिक गलियारों में शमी के साथ उनके बड़े भाई हसीब के नाम की भी चर्चा हो रही है. हालांकि, यह फिलहाल अटकलों तक सीमित है. जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद सवाल यही है कि क्या शमी क्रिकेट के बाद सियासत की पिच पर उतरेंगे, या यह सिर्फ एक सामान्य मुलाकात थी. अभी इसका जवाब आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है.