मुंबई: आईआईटी बॉम्बे में एक बार फिर आत्महत्या का मामला सामने आया है. पिछले सात महीनों में यह तीसरा ऐसा मामला है. इस बार 22 वर्षीय छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे ने शुक्रवार शाम अपने छात्रावास के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के निवासी साहिल ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र थे. पवई पुलिस ने अभिभावकों की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
अब जांच क्राइम ब्रांच कर रही है. अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि मौत से पहले उनके बेटे को संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा था. घटना के कुछ घंटे पहले मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन और चैटजीपीटी के इस्तेमाल की बात सामने आई थी.
संस्थान का कहना है कि छात्र ने परीक्षा में उत्तर के लिए प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर अपलोड किया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी. निरीक्षक और विभागाध्यक्ष ने उनसे बात की और आश्वस्त किया कि इसका उनके करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इसके बाद वे छात्रावास लौट गए और शाम को मृत पाए गए.
अधिकारियों के मुताबिक मामले में एक प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है. क्राइम ब्रांच पूछताछ के लिए प्रोफेसर और अन्य लोगों को तलब कर सकती है. इस घटना के बाद परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि साहिल को शैक्षणिक गतिविधियों से रोकने की धमकी दी गई और भारी दबाव बनाया गया था. यह आईआईटी बॉम्बे में फरवरी और जुलाई के बाद तीसरा आत्महत्या का मामला है, जिससे परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है.