लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को गैंगस्टर विकास दुबे के कथित एनकाउंटर पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद सपा की सरकार बनी तो वे ‘कार पलटने’ वाली घटना की जांच रिमोट सेंसिंग विभाग से कराएंगे. अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ''रिमोट सेंसिंग विभाग एक बहुत पुराना विभाग है.
हम निश्चित रूप से इस विभाग को उस घटना की जांच का काम सौंपेंगे कि आखिर गाड़ी कैसे पलटी थी.'' उन्होंने कहा कि विभाग को अलग से फंड दिया जाएगा. चाहे 50 करोड़ हो या 100 करोड़ और गाड़ियों की आवाजाही का पूरा पता लगाने का निर्देश दिया जाएगा. 2020 में कानपुर देहात के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर लाते समय पुलिस की गाड़ी कथित रूप से पलट गई थी.
पुलिस का दावा था कि हादसे के बाद भागने की कोशिश में मुठभेड़ में दुबे मारा गया. अखिलेश यादव ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि कार पलटी नहीं थी, बल्कि यह सरकार को गिरने से बचाने की कोशिश थी ताकि सच सामने न आए. सपा प्रमुख ने कहा कि रिमोट सेंसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किसानों के हित, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि के साथ-साथ अपराध नियंत्रण के लिए भी किया जाएगा.
इससे फर्जी एनकाउंटर जैसी घटनाओं पर भी रोशनी डाली जा सकेगी. अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर भी तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, निवेश के सपने सिर्फ दिखाए गए, किसानों की जमीनें तो ली गईं लेकिन मुआवजा और सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया. उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगाए. सपा अध्यक्ष के इस बयान से एक बार फिर विकास दुबे एनकाउंटर का मुद्दा राजनीतिक चर्चा में आ गया है.