नई दिल्ली/जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के माधौगढ़ थाना क्षेत्र के भीमनगर ऊंचा गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. 27 वर्षीय ज्ञानसिंह उर्फ बबलू ने पत्नी की बेवफाई और गांव के दो युवकों से विवाद के बाद गहरे अवसाद में आकर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. शनिवार सुबह ज्ञानसिंह का शव गांव से करीब एक किलोमीटर दूर एक खेत की मेड़ पर बबूल के पेड़ से लटका हुआ मिला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है.
ज्ञानसिंह अपने पिता रामभरोसे के तीन बेटों में सबसे छोटे थे. उनकी शादी दो साल पहले जालौन के हरीपुरा निवासी मनु पुत्री शिवकुमार से हुई थी. शादी के बाद से ही मनु का व्यवहार संदिग्ध रहा. 5 अगस्त को मनु अपने ससुराल से गायब हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने माधौगढ़ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने जांच में पाया कि मनु गांव के ही दो युवक, विमल और छोटू के साथ भाग गई थी.
जब पुलिस ने मनु को खोज निकाला तो उसने अपने पति ज्ञानसिंह के साथ वापस जाने से इनकार कर दिया और अपने जीजा देवेंद्र के साथ रहने का फैसला किया. इस घटना के बाद विमल और छोटू ने ज्ञानसिंह से विवाद किया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया. शुक्रवार शाम को ज्ञानसिंह अचानक घर से गायब हो गया. परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका फोन बंद होने के कारण कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन सुबह उसका शव बबूल के पेड़ पर लटका हुआ पाया गया.
परिजनों का कहना है कि पत्नी के दूसरों के साथ चले जाने और घर लौटने से इनकार करने से ज्ञानसिंह गहरे अवसाद में था. विमल और छोटू के साथ हुए विवाद ने उसकी मानसिक स्थिति को और खराब कर दिया, जिसके चलते उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया. माधौगढ़ क्षेत्राधिकारी अंबुज यादव ने बताया कि परिजनों के बयान और लिखित शिकायत के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है. दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.