नई दिल्ली: बरेली में मंगलवार सुबह एक बार फिर बुलडोजर गरजा. निशाना था समाजवादी पार्टी के नेता सरफराज वली खान और राशिद खान का भव्य मैरिज लॉन. प्रशासन ने दो बुलडोजर के साथ पांच थानों की भारी पुलिस फोर्स भेजी. जैसे ही बुलडोजर ने मुख्य गेट तोड़ना शुरू किया, वहां मौजूद दर्जनों महिलाओं ने पुलिस से धक्का-मुक्की की, नारे लगाए और कार्रवाई रोकने की कोशिश की. माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन पुलिस ने किसी को पास नहीं आने दिया और कुछ ही मिनटों में गेट गिरा दिया.
दरअसल, सोमवार को भी यही कार्रवाई शुरू हुई थी, लेकिन पुलिस बल कम होने की वजह से टाल दी गई थी. मंगलवार को पूरी तैयारी के साथ प्रशासन ने एक्शन लिया. मैरिज लॉन के मालिक सरफराज वली खान के बेटे सैफ वली खान ने बताया कि करीब 1,000 गज में फैला यह लग्जरी लॉन उनकी 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति थी. नीचे विशाल हॉल और ऊपर पांच लग्जरी कमरे बने थे. अब सब मलबे में तब्दील हो चुका है. सैफ ने कहा, “हमारा पूरा परिवार बर्बाद हो गया.”
प्रशासन का दावा है कि यह संपत्ति 26 सितंबर की बरेली हिंसा में आरोपी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष तौकीर रज़ा के करीबियों से जुड़ी है. अब तक तौकीर रज़ा के समर्थकों और रिश्तेदारों की 250 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियां ढहाई जा चुकी हैं. अभी 23 नवंबर को ही मोहम्मद आरिफ की दो इमारतें जमींदोज की गई थीं. तौकीर रज़ा पर हिंसा भड़काने, हत्या की साजिश, दंगा कराने, पुलिस पर पेट्रोल बम फेंकने समेत 10 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं.
वे अभी फतेहगढ़ जेल में बंद हैं. एक केस में भले ही जमानत मिल गई हो, लेकिन बाकी मामलों में राहत न मिलने से जेल से बाहर नहीं आ पाए. सपा नेता सरफराज वली खान आजम खान के पुराने साथी रहे हैं और हज कमेटी में भी उनके साथ काम कर चुके हैं. सैफ वली खान ने साफ किया कि तौकीर से सिर्फ दरगाह आला हजरत की वजह से जान-पहचान है, कोई गहरा संबंध नहीं.
फिलहाल बरेली में बुलडोजर का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. प्रशासन का कहना है कि हिंसा करने वालों और उनके समर्थकों की एक-एक अवैध संपत्ति चिह्नित कर ली गई है. आने वाले दिनों में और भी बड़े एक्शन होने की संभावना है.