नई दिल्ली : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें दुनिया के सबसे महान नेताओं में से एक बताया. एक बातचीत के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि दुनिया के दो सबसे महान नेताओं में वह किन्हें पसंद करते हैं, तो उन्होंने सबसे पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नाम लिया और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया.
रिपोर्टर ने जब दूसरे नेता का नाम पूछा तो ट्रंप ने कहा मोदी. मोदी बहुत अच्छे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी बड़े फैसले लेने वाले नेता हैं और अनावश्यक संघर्षों से दूर रहते हैं, जो उनकी समझदारी को दर्शाता है. ट्रंप ने भारत की जनसंख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि 1.5 अरब लोगों वाले देश का नेतृत्व करना आसान नहीं है और मोदी इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं.
ट्रंप ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बड़े पैमाने पर व्यापार होता है. हालांकि, उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पहले भारत अमेरिका को लूटता था, लेकिन इसके लिए वह भारत को दोष नहीं देते, उनके मुताबिक, उस समय अमेरिका में ऐसे राजनेता थे जिन्होंने इस स्थिति को बनने दिया.
उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों के बीच व्यापार अधिक संतुलित और निष्पक्ष तरीके से हो रहा है. ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि नई व्यापारिक व्यवस्था से भारत पहले जितना लाभ नहीं उठा पा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह प्रधानमंत्री मोदी को एक महान नेता मानते हैं. ट्रंप के इस बयान को भारत-अमेरिका संबंधों और मोदी की वैश्विक छवि के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मऊ केंद्र में आ गया है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मंत्री ओमप्रकाश राजभर के लिए आने वाले दिन राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी और अंसारी परिवार समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं.
हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सपा और अंसारी परिवार के बीच बढ़ती नजदीकियों की चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि यदि अंसारी परिवार सपा में शामिल होता है तो पूर्वांचल, खासकर मऊ, गाजीपुर और आसपास के जिलों की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.
अब्बास अंसारी दिवंगत नेता मुख्तार अंसारी के पुत्र हैं और वर्तमान में सुभासपा के टिकट पर विधायक हैं. सुभासपा और समाजवादी पार्टी के रिश्तों में पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. ऐसे में अंसारी परिवार का संभावित राजनीतिक फैसला दोनों दलों के समीकरण बदल सकता है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह चर्चा हकीकत में बदलती है तो सुभासपा को पूर्वांचल में संगठनात्मक और राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. वहीं, समाजवादी पार्टी को मुस्लिम और पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक को साधने में अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है.
फिलहाल सभी की नजरें कल होने वाले संभावित घटनाक्रम पर टिकी हैं. यदि अंसारी परिवार समाजवादी पार्टी में शामिल होता है, तो यह पूर्वांचल की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जाएगा.