नई दिल्ली: दल बदल (Defection) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से सवाल पूछ लिया, ''आप किस सत्तारूढ़ दल की बात कर रहे हैं?'' एडवोकेट सीआर जया सुकिन द्वारा दायर याचिका में राजनीतिक दलों में हो रहे दल-बदल, रिश्वत और धमकियों का आरोप लगाया गया था.
याचिका में कहा गया था कि नेता या तो रिश्वत लेकर या परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर दूसरी पार्टियों में शामिल हो रहे हैं. सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से पूछा, ''आप किस पार्टी की बात कर रहे हैं? आपके राज्य में तो पार्टियां बदलती रहती हैं.'' वकील ने पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि स्पीकर इस्तीफों को बिना जांच स्वीकार कर लेते हैं और नेता तुरंत दूसरी पार्टी जॉइन कर लेते हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है.
CJI ने याचिका को अस्पष्ट और बिना सबूत वाला बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ''आपने 1 मिनट मांगा था, हमने 7 मिनट दिए. याचिका खारिज की जाती है. इसमें कोई ठोस आधार नहीं है.'' यह याचिका ऐसे समय में आई है जब, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद और कई विधायक अलग होकर नई पार्टी में शामिल हो चुके हैं.
महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के सांसदों में बगावत के संकेत मिल रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से दल-बदल की राजनीति पर लगाम लगाने की मांग करने वालों को झटका लगा है. इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ.