नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 62वें सत्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया. उन्होंने पाकिस्तान को राक्षस करार देते हुए उसकी आतंकवाद नीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया. अनुपमा सिंह ने कहा, ''यह एक ऐसा देश है जहां का मौजूदा रक्षा मंत्री खुलेआम आतंकवादियों को पनाह देने, उन्हें ट्रेनिंग देने और उनका इस्तेमाल करने की बात को अपनी सरकारी नीति बताता है. फिर भी पाकिस्तान खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है.''
उन्होंने कहा कि यह फ्रैंकेनस्टाइन का जीता-जागता उदाहरण है, जो अपने ही पाले हुए राक्षस से कटने पर हैरान है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और OIC के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया और साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, था और रहेगा.
कौन हैं अनुपमा सिंह?
अनुपमा सिंह ने UN मंच पर भारत का पक्ष मजबूती से रखते हुए पाकिस्तान की दोहरी नीति को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया. यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा में है. भारत की इस साहसी बेटी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कूटनीतिक मोर्चे पर भारत अब चुप रहने वाला नहीं है.