नई दिल्ली: ओमान के पास हालिया घटनाओं में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों से जुड़े हमलों में चार भारतीय नाविकों की मौत के मामले में Forward Seamen’s Union of India (FSUI) ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर स्वतंत्र जांच की मांग की है. यूनियन ने मांग की है कि मारे गए प्रत्येक नाविक के परिवार को 50 लाख डॉलर (लगभग 4.3 करोड़ रुपये) का मुआवजा दिया जाए. FSUI का कहना है कि मर्चेंट नाविक सिविलियन हैं, वे युद्ध के शिकार नहीं बनाए जा सकते.
कौन-कौन मारे गए?
8 जून को MT Marivex पर आग लगी, संदिग्ध हमले के बाद सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित बचे. 10 जून को MT Settebello पर अमेरिकी हमला, 24 भारतीय क्रू में से 3 की मौत. एक अन्य जहाज MT Celestial पर मेडिकल मदद न मिलने से एक नाविक की मौत. FSUI ने X पर लिखा, ''Seafarers are civilians, not casualties of conflict.'' यूनियन ने होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने और US-Iran पीस डील का स्वागत किया है, लेकिन न्याय और मुआवजे की मांग पर अड़ी हुई है.
भारत सरकार ने पहले ही घटना पर गहरी चिंता जताई थी और अमेरिकी अधिकारियों को बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया था.
यह मामला हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रहा है, खासकर जब हजारों भारतीय जहाजों पर काम कर रहे हैं. UN की प्रतिक्रिया का इंतजार अब सभी को है.