NEET री-टेस्ट से पहले टेलीग्राम पर बैन! व्हाट्सएप क्यों बचा?

Amanat Ansari 16 Jun 2026 03:35: PM 1 Mins
NEET री-टेस्ट से पहले टेलीग्राम पर बैन! व्हाट्सएप क्यों बचा?

नई दिल्ली: NEET 2026 री-टेस्ट (21 जून) से ठीक पहले सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगा दिया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर लिया गया यह फैसला पेपर लीक घोटालों और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए है. लेकिन सवाल उठ रहा है अगर टेलीग्राम बैन हो गया तो व्हाट्सएप पर क्यों कोई रोक नहीं?

NTA के अनुसार, टेलीग्राम पर "PAPER LEAKED NEET", "Re-NEET 2026" और "Private Mafia" जैसे चैनल्स खुलेआम फर्जी पेपर बेच रहे थे और लाखों रुपये वसूल रहे थे. बड़े पैमाने पर चैनल्स ब्लॉक करने के बावजूद समस्या बनी रही, जिसके बाद सरकार को पूरा ऐप प्रतिबंधित करना पड़ा. यह बैन 22 जून तक रहेगा.

टेलीग्राम क्यों बन गया फ्रॉड का अड्डा?

  • अनामिता: यूजर फोन नंबर छिपाकर सिर्फ यूजरनेम से अकाउंट बना सकते हैं और अनलिमिटेड सब्सक्राइबर्स वाले चैनल चला सकते हैं.
  • बड़ी फाइल शेयरिंग: 2GB तक फाइल बिना कम्प्रेशन के शेयर की जा सकती है — पेपर PDF शेयर करने के लिए आदर्श.
  • मैसेज एडिट फीचर: पुराने मैसेज एडिट कर PDF डालकर फर्जी सबूत बनाए जा रहे थे (यह फीचर भी भारत में 30 जून तक डिसेबल).
  • कम सहयोग: टेलीग्राम का संस्थापक पावेल दुरोव सरकारों से सहयोग न करने की नीति रखता है. भारत में इसका कोई ऑफिस भी नहीं है.

व्हाट्सएप पर क्यों नहीं बैन?

व्हाट्सएप (मेटा) बेहतर पोलिसिंग करता है. AI टूल्स से पब्लिक ग्रुप्स और पैटर्न मॉनिटर किए जाते हैं. Meta सरकार के निर्देशों पर तेजी से कार्रवाई करता है. इसके अलावा, डिफॉल्ट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, फोन नंबर अनिवार्य, आसान ट्रैकिंग, अनलिमिटेड चैनल और बड़ी फाइल शेयरिंग जैसी सुविधाएं सीमित किया गया है.

NTA का कहना है कि फ्रॉडस्टर्स टेलीग्राम को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि वहां पहचान छिपाना और बड़े स्तर पर धोखाधड़ी करना आसान है. यह कदम छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है, लेकिन VPN के जरिए ऐप इस्तेमाल करने की आशंका बनी हुई है. NEET री-टेस्ट में सख्त सुरक्षा (AI CCTV, बायोमेट्रिक्स, एयरलिफ्टेड पेपर) के साथ परीक्षा निष्पक्ष कराने का प्रयास जारी है.

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