झांसी : उत्तर प्रदेश के झांसी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है. प्रदर्शन में पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई थी.
जानकारी के अनुसार, सपा कार्यकर्ताओं ने यह प्रदर्शन बिना प्रशासनिक अनुमति के आयोजित किया था. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर विरोध जताया. हालात को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शन को समाप्त कराया.
इसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए सपा के जिलाध्यक्ष सहित कुल 31 नामजद नेताओं और लगभग 250 से 300 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन करना कानून व्यवस्था का उल्लंघन है और इसी आधार पर मामला दर्ज किया गया है.
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने नियमों की अवहेलना की और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की. पुलिस अब इस मामले में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पहचान कर आगे की कार्रवाई कर रही है.
वहीं, दूसरी ओर समाजवादी पार्टी की ओर से इस कार्रवाई को राजनीतिक बताया जा रहा है. पार्टी नेताओं का कहना है कि बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है.