नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र में पिछले दो हफ्तों से जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिश में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. लेकिन राहुल गांधी ने सरकार का अनुरोध सिरे से खारिज कर दिया और एक साफ शर्त रख दी.
सूत्रों के अनुसार, रिजिजू ने राहुल गांधी से परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण बिल पर सहयोग मांगा था, ताकि सदन का कामकाज सुचारू रूप से चल सके. राहुल गांधी ने जवाब में साफ कहा कि जब तक राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान नहीं देते, तब तक कोई काम नहीं होगा. इसके बाद रिजिजू ने गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी चर्चा की.
विपक्ष का लगातार हमला
कांग्रेस समेत विपक्षी दल इन दोनों मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं. राहुल गांधी हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी अमित शाह पर निशाना साध चुके हैं. सरकार इन आरोपों को निराधार बता रही है और कह रही है कि 20 जुलाई की कार्रवाई का आदेश कलेक्टर का होता है, गृह मंत्री का नहीं.
मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होते ही हंगामेदार रहा. विपक्षी सांसद लगातार हंगामा कर रहे हैं, जिसकी वजह से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है. विपक्ष की मांग है कि अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन मुद्दों पर बयान दें. सरकार नए बिल पास करवाने की कोशिश में है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत की कमी और विपक्ष के रुख के कारण परिसीमन बिल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आगे बढ़ना मुश्किल नजर आ रहा है.