पटना: लगभग तीन दशक से भाजपा का गढ़ रहे बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद पार्टी में गंभीर मंथन शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की अध्यक्षता में बुधवार को पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में समीक्षा बैठक हुई. यह बैठक करीब ढाई घंटे चली.
बैठक में पार्टी के वरीय पदाधिकारी, मंत्री, पटना के सांसद, विधायक और उपचुनाव में चुनावी ड्यूटी पर लगे नेता मौजूद रहे. इसमें बांकीपुर में हार के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई. प्रदेश नेतृत्व ने चुनावी तैयारी में कहां कमी रह गई और किन वजहों से हार का सामना करना पड़ा, इस पर फीडबैक लिया.
मंत्री रामकृपाल यादव ने बैठक के बाद मीडिया से कहा कि बांकीपुर में हार की विस्तार से समीक्षा की जाएगी. “वहां की जनता हमारी है. जहां भी कमी रही, उसे पता लगाया जाएगा.” उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने 3 महीने में बदलाव दिखाने का दावा किया है, इसलिए भाजपा हर दिन उनसे काम का हिसाब पूछेगी.
30 जुलाई को हुए उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त को आए. जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 वोटों के अंतर से हरा दिया. यह सीट पिछले 30 सालों में पहली बार भाजपा से छिनी है. इससे पहले लगातार पांच बार मौजूदा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यहां से विधायक रहे थे. उनके राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई सीट पर पार्टी ने साधारण कार्यकर्ता नीरज सिन्हा को टिकट दिया था.
प्रचार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित एनडीए के कई बड़े नेता उतरे थे, लेकिन गढ़ बचाने में पार्टी सफल नहीं रही. बांकीपुर हार की चर्चा अब बिहार ही नहीं, देश भर में हो रही है. भाजपा इस हार से सबक लेते हुए आगे की रणनीति तैयार करने में जुट गई है.