पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 17 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई. इन फैसलों से न्याय व्यवस्था, स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में बड़े बदलाव आने वाले हैं. सबसे बड़ी घोषणा एससी-एसटी एक्ट के मामलों की तेजी से सुनवाई को लेकर हुई.
राज्य में 19 नए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाएंगे. इसके लिए 171 जजों के पद सृजित किए गए हैं. ये कोर्ट बेतिया, मधुबनी, आरा, सीवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, भभुआ, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद और लखीसराय में स्थापित होंगे. साथ ही एनडीपीएस एक्ट के मामलों के लिए पूर्णिया, भागलपुर और गया में तीन स्पेशल कोर्ट भी खोले जाएंगे, जिनके लिए 27 जज पदों की मंजूरी दी गई है.
खेल क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राजगीर खेल अकादमी में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर बनाने का फैसला लिया गया. खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. इस पर 25 करोड़ रुपए खर्च होंगे. स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य के 16 मौजूदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों (डेंटल कॉलेज सहित) का संचालन पीपीपी मोड पर किया जाएगा. आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली में भी संशोधन किया गया.
अन्य महत्वपूर्ण फैसले