नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए बागी सांसदों के समूह NCPI में मतभेद के संकेत साफ दिखने लगे हैं. मंगलवार को संसद में हुई NDA सांसदों की साप्ताहिक बैठक में NCPI के तीन सांसद खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान और यूसुफ पठान शामिल नहीं हुए. ये तीनों पश्चिम बंगाल की मुस्लिम बहुल सीटों जंगीपुर, मुर्शिदाबाद और बहरामपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं.
अबू ताहेर खान ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, ''हम न NDA के साथ हैं, न BJP के पास जा रहे हैं. आज भी NDA की बैठक हुई और हम तीनों नहीं गए. लेकिन मुख्यमंत्री (शुभेंदु अधिकारी) की बैठक में जाएंगे क्योंकि वह मेरे क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़ी है. हम मुसलमानों के खिलाफ किसी भी कदम का समर्थन नहीं करेंगे''
सूत्रों के मुताबिक इन सांसदों के कुछ मतदाताओं ने भाजपा से कथित नजदीकी पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद उन्होंने बैठक से दूरी बनाई. NCPI के फ्लोर लीडर सुदीप बंद्योपाध्याय पहली बार NDA बैठक में शामिल हुए. उन्होंने कहा, ''NCPI में सभी एकजुट हैं. कोई मतभेद नहीं है.''
NCPI 20 सदस्यों का समूह है. लोकसभा में इसकी मान्यता स्पीकर ओम बिरला के पास लंबित है. दल-बदल कानून के तहत सुरक्षा पाने के लिए इन्हें TMC की मूल 28 सदस्यीय संख्या के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों की जरूरत है. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत NDA के कई नेता और सहयोगी दल मौजूद रहे. तीन सांसदों की अनुपस्थिति ने समूह की NDA के साथ स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.