Lucknow Kanpur Expressway : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर फिलहाल वाहन चालकों को टोल टैक्स नहीं देना होगा. लगातार बारिश के दौरान सड़क के कई हिस्सों में धंसाव और तकनीकी खामियां सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है. बुधवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में NHAI ने स्पष्ट किया कि जब तक एक्सप्रेस-वे पूरी तरह सुरक्षित और दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक इस मार्ग पर टोल वसूली बंद रहेगी.
NHAI के रीजनल अधिकारी गौतम विशाल ने बताया कि एक्सप्रेस-वे की मरम्मत और सभी तकनीकी खामियों को दूर करने में लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. यह पूरी राशि निर्माण कंपनी PNC को अपने स्तर पर वहन करनी होगी. NHAI ने निर्माण कार्य में लापरवाही मानते हुए PNC कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है. इसका मतलब है कि अब कंपनी को NHAI की ओर से कोई नया प्रोजेक्ट नहीं दिया जाएगा.
कार्रवाई केवल कंपनी तक सीमित नहीं रही. परियोजना से जुड़े प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता, इंजीनियर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. साथ ही इन तीनों अधिकारियों पर अगले दो वर्षों तक NHAI की किसी भी परियोजना में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
गौरतलब है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का निर्माण आगरा की PNC कंपनी ने किया था. कंपनी के मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन हैं. लगातार हो रहे सड़क धंसाव के बाद एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं. अब सभी की नजर इस बात पर है कि मरम्मत का काम कितनी जल्दी पूरा होता है और एक्सप्रेस-वे को दोबारा पूरी तरह सुरक्षित बनाकर टोल वसूली कब शुरू की जाती है.