राजस्थान: अजमेर में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां 3 महीने से इंसाफ के लिए भटक रही रेप पीड़िता जब सिस्टम से ठोकर खाते-खाते थक गई तो उसने मौत को गले लगाने का फैसला किया. और वो आनासागर में कूद कर जान देने पहुंची, लेकिन पानी में डूबती लड़की को गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने देख लिया और बाहर निकाल कर बचा लिया. जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया और उसके परिजनों को सूचना देकर बुलाया.
कोचिंग टीचर है पीड़िता
जानकारी के मुताबिक रेप पीड़िता अजमेर में कोचिंग टीचर है, उसका आरोप है कि एक युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया है. लेकिन जब शादी की बात पर लड़का मुकर गया. तीन महीने पहले मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. उल्टा महिला पर केस वापस लेने का दवाब बनाया जा रहा है. इस पीड़ित लड़की के माता-पिता ही चाहते हैं कि वो केस वापस ले ले, इतना ही नहीं उसने पिता पर आए दिन मारपीट करने का आरोप भी लगाया है, लड़की का कहना है कि वो लोग मुझे पागल कहते हैं और घर से निकाल देने की धमकी भी देते हैं. लड़की ने रेप का मुकदमा अलवर गेट थाने में दर्ज कराया है लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. पीड़िता की मांग है कि उसे इंसाफ दिया जाए, अब पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है.
पोस्ट ऑफिस में काम करता है आरोप युवक
पीड़िता कोचिंग टीचर ने बताया है कि आरोपी युवक से उसकी मुलाकात दिसंबर 2024 में पोस्ट ऑफिस के अंदर हुई थी, जहां उनकी जान पहचान हो गई, फिर धीरे-धीरे दोनों में बातचीत होने लगी. एक दिन आरोपी ने उसे पोस्ट ऑफिस में ही मिलने के लिए बुलाया और शादी का प्रस्ताव दिया, पीड़िता के मुताबिक युवक का कहना था कि वो उसके साथ शादी करना चाहता है. उसके बाद वो उसे पोस्ट ऑफिस की तीसरी मंजिल पर लेकर गया, जहां टॉयलेट में ले जाकर उसके साथ रेप किया. महिला का आरोप है कि विरोध करने पर युवक ने हाथापाई भी की. बाद में जब पीड़िता ने शादी के लिए कहा तो युवक ने मना कर दिया.
मुझे इंसाफ चाहिए- पीड़िता
पीड़िता टीचर का कहना है कि उसने अलवर गेट थाना में करीब 3 महीने पहले रेप केस दर्ज करवाया था, लेकिन पुलिस ने इस मामले में बिल्कुल भी कार्रवाई नहीं की है. पीड़िता का कहना है कि अगर ऐसा ही चलेगा तो किसी भी लड़की के साथ दुष्कर्म होता रहेगा, और इंसाफ नहीं मिलेगा तो वो मर ही जाएगी. साथ ही आत्महत्या करने की बात पर महिला का कहना है कि जब मेरे केस में कार्रवाई नहीं हो रही और लगातार केस वापस लेने का दवाब बनाया जा रहा था तो डिप्रेशन में आकर मैंने आत्महत्या करने का फैसला किया.