गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बेटियों के प्रति संवेदनशीलता का एक और उदाहरण सोमवार को जनता दर्शन में देखने को मिला. सीएम से मिलने पहुंची एक बेटी ने जब उन्हें बताया कि पैसों की दिक्कत के चलते वह अपनी फीस नहीं जमा कर पा रही है, मुख्यमंत्री ने अविलंब अधिकारियों को बिटिया की फीस जमा कराने का निर्देश दिया. सीएम ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को भी आश्वस्त किया कि वे उच्चीकृत अस्पताल से इस्टीमेट मंगवा लें, इलाज के खर्च में सरकार भरपूर मदद करेगी.

सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की. मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं. सीएम ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का उचित, विधिसम्मत, समयबद्ध एवं संतुष्टिपरक निस्तारण कराया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए लोगों के प्रार्थना-पत्रों को संबंधित अधिकारियों को हस्तगत करते हुए इस संबंध में निर्देश भी जारी किए. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी परेशान होने या घबराने होने की आवश्यकता नहीं है. सरकार हर मुश्किल में आपके साथ खड़ी है. हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा.
जरूरतमंद बिटिया की स्कूल फीस की व्यवस्था होगी
जनता दर्शन में एक बेटी ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह पढ़ना चाहती है, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से फीस जमा करने में बाधा आ रही है. इस पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अविलंब बिटिया की स्कूल फीस की व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक दिक्कत की वजह से किसी बेटी की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए. हर बेटी को सुरक्षा के साथ-साथ उसका सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है. जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरे समाज पर सकारात्मक असर पड़ता है.

मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए. इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए. यदि कोई पात्र व्यक्ति शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है तो उसे तत्काल योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए. कैंसर से पीड़ित अपने परिजन के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंची एक महिला से मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चीकृत सरकारी अस्पताल में मरीज को दिखाकर इस्टीमेट मंगवा लीजिए. इलाज में पूरी मदद की जाएगी.

सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए. हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर से आई एक गरीब महिला को पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए.