हैदराबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हैदराबाद में बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा का नेतृत्व किया. उन्होंने चारमीनार के पास स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद निजाम कॉलेज से मार्च की शुरुआत की. यह कार्यक्रम कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की रविवार को रामलीला मैदान में हुई रैली के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.
अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल उस वक्त निजाम को न झुकाते, तो हैदराबाद आज भारत का हिस्सा नहीं होता. उन्होंने दिल्ली में हुई विपक्ष की रैली पर हमला बोलते हुए कहा, “वो कहते हैं कि ये वोट बचाओ रैली है, लेकिन मैं कहता हूं कि ये वोट बचाओ रैली नहीं थी बल्कि घुसपैठिया बचाओ रैली थी. कांग्रेस एसआईआर को रोककर देश की मतदाता सूची में बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस को जितना जोर लगाना है, लगाने दो. बीजेपी एक-एक घुसपैठिए को मतदाता सूची और देश से बाहर निकालकर ही दम लेगी.”
शाह ने एसआईआर पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पूरी कांग्रेस एंड कंपनी एसआईआर को रोकने में लगी है क्योंकि ये घुसपैठिए उनका वोट बैंक हैं. उन्होंने कहा, “अब इस देश में वही वोट डालेगा जो इस देश का नागरिक होगा. राहुल गांधी कहते हैं कि एसआईआर के नाम पर 13 करोड़ लोगों के वोट काट दिए गए हैं, लेकिन यह झूठ है.” उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इनमें से कई वोट दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित, मृतक या डुप्लीकेट एंट्री के हैं. शाह ने कांग्रेस पर संविधान का सम्मान न करने का भी आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी संसद चलने नहीं देते.
बीजेपी की यह पदयात्रा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के खिलाफ अभियान का हिस्सा है. अमित शाह के साथ केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, बंदी संजय कुमार और तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव समेत अन्य नेता मौजूद रहे. पदयात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी.