नई दिल्ली/भोपाल: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध चुने जाने वाले हैं. मंगलवार को दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज होने के बाद उनके सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं बचा. जांच के अंतिम दिन कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी और कांते सयान्ना के नामांकन खारिज कर दिए गए.
रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने आदेश में कहा कि लोहानी ने अनिवार्य फॉर्म-26 हलफनामा नहीं जमा किया, जबकि सयान्ना के दस्तावेज अधूरे थे. लोहानी, सयान्ना और कांग्रेस नेता हेमंत कटारे ने पुरी के नामांकन पर आपत्ति जताई थी.
उन्होंने दावा किया कि फॉर्म-26 हलफनामा अधूरा और अमान्य है. रिटर्निंग ऑफिसर ने आपत्तियों पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया कि पुरी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का कोई प्रावधान नहीं तोड़ा और उनके दस्तावेजों में कोई कमी नहीं पाई गई.
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और आतिफ अकील ने फैसले को “भारतीय लोकतंत्र पर हमला” बताया और कोर्ट में चुनौती देने की बात कही. परिणाम की घोषणा 5 नवंबर को होगी, जो नामांकन वापसी की अंतिम तिथि भी है. सीट एल मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी.