वो महिला कौन है, जिसने 18 साल पहले अतीक को दिया था श्राप, तुम्हारा भी अंत ऐसे होगा?

Global Bharat 16 Apr 2023 2 Mins
वो महिला कौन है, जिसने 18 साल पहले अतीक को दिया था श्राप, तुम्हारा भी अंत ऐसे होगा?

हमेशा कहा जाता है इतिहास खुद को दोहराता है, कर्मों का फल इसी धरती पर मिलता है, आप जैसा करेंगे वैसा भरेंगे, और ठीक वैसा ही अतीक के साथ हुआ…आपको भरोसा नहीं है तो हमारी ये रिपोर्ट पूरी देखिए…करीब 25 साल पहले एक महिला जिसका अतीक से कुछ लेना देना नहीं था, अतीक ग़लती से ही सही पर उससे पंगा ले लेता है…साल 2004 में लोकसभा का चुनाव अतीक ने जीत लिया था तो प्रयागराज पश्चिम की विधानसभा सीट खाली हो गई थी, 2005 उपचुनाव में अतीक का भाई अशरफ मैदान में आया, ये उसकी सियासी पारी की शुरूआत थी, उस दौर में मुलायम सिंह यादव CM थे, अतीक को मूंछों पर तांव था…अतीक को लगा हम चुनाव जीत लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ, बसपा के टिकट पर राजू पाल मैदान में आया औ अतीक के परिवार को इतिहास में पहली बार हार का सामना करना पड़ा…अतीक उस वक्त बौखला गया, क्या करना चाहिए क्या नहीं भूल गया और कहा जाता है जोश में आदमी होश गंवा बैठता है, और अपनी कब्र खोद डालता है…9 दिन पहले जिस पूजा पाल की शादी राजू पाल से हुई थी उसकी हत्या अतीक ने अशरफ से करवाई, खुद उसको लीड किया…राजू पाल की हत्या को ऐसे अंजाम दिया गया था कि अतीक की तस्वीरे कुछ नहीं है, प्रयागराज की सड़कों पर घण्टों फायरिंग हुई…

उपचुनाव में अशरफ की हार से अतीक अहमद के खेमे में खलबली थी…लेकिन धीरे-धीरे मामला शांत हो चुका था….विधायक बन जाने के महज कुछ दिनों बाद ही राजू पाल की शादी पूजा पाल के साथ हो गई थी… मगर राजूपाल के विधायक बनने और शादी की खुशी ज्यादा दिन कायम नहीं रह सकी…पूजा के हाथों की मेहंदी अभी पूरी तरह से उतरी भी नहीं थी कि 25 जनवरी 2005 को पहली बार विधायक बने राजू पाल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई…उसे कई किलोमीटर तक दौड़ाया गया था, यहां तक की मरने के बाद भी अस्पताल में जाकर हमलावरों ने फिर से गोली मारी थी…
उसी दिन पूजा पाल की एंट्री अतीक अहमद की ज़िंदगी में हुई थी, उस वक्त मुलायम सिंह यादव की सरकार का जंगलराज मीडिया ने ख़ूब दिखाया था, मायावती ने घटना को हवा दी और पूजा पाल का एक श्राप अतीक को इतना भारी पड़ेगा ये उसके परिवार को अंदाजा नहीं था…पूजा पाल ने कहा था
अतीक और अतीक के गुर्गों ने जो हाल मेरे पति का किया है, एक दिन भगवान भी उन्हें उनके कर्मों की सजा देगा, और उनका भी अंत ऐसे ही होगा…

राजू पाल की हत्या के बाद उनकी राजनीतिक विरासत पत्नी पूजा पाल ने संभाल ली थी…मायावती ने खुद प्रयागराज पहुंच पूजा पाल को बसपा से उप विधानसभा चुनाव का टिकट सौंपा था…लेकिन, पूजा पाल चुनाव हार गईं थी…अतीक की ज़िंदगी में पूजा पाल कांटा बन गई…और 17 साल बाद अतीक और उसके गुर्गे उसे पूजा पाल से फिर भीड़ जाते है…उमेश पाल जिसकी हत्या में असद भी शामिल था वो राजू पाल हत्याकांड का गवाह था…उमेश पाल को साइड करते ही जैसे अतीक के कर्मों का हिसाब तय हो गया था…प्रयागराज में CCTV कैमरे में अतीक के गुर्गों ने उमेश पाल के साथ जो किया, ठीक वैसा ही कैमरे के सामने अतीक के साथ हो गया…अशरफ अहमद की हार से बौखला कर अतीक ने बदले का कदम उठाया, आज अशरफ अली के साथ ही अतीक की कहानी ख़त्म हो गई…कानून पर सवाल उठाया जा सकता है पर कर्म का हिसाब भी यही होना है।

https://youtu.be/x5MeRQv6Emc

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