नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 30 अगस्त को अतरौली थाना क्षेत्र में दो सैनिक भाइयों, अजीत सिंह और अनिल सिंह, और पुलिसकर्मियों के बीच तीखा विवाद हो गया. मामला तब शुरू हुआ जब सैनिक भाई अपनी शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंचे. वहां बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई. इस दौरान दारोगा संदीप सिंह और एक सिपाही को चोटें आईं, और दारोगा की वर्दी भी फट गई. इसके बाद पुलिस ने दोनों सैनिक भाइयों को हिरासत में ले लिया.
हिरासत की खबर फैलते ही ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर लिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. ग्रामीणों ने "भारतीय सेना जिंदाबाद" के नारे लगाकर सैनिकों के समर्थन में प्रदर्शन किया. बताया जाता है कि पुलिस द्वारा सैनिक को नियंत्रित करने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उन पर पैर से प्रहार किया, जिससे सैनिकों और उनके समर्थकों में आक्रोश भड़क गया.
विवाद बढ़ने पर दिल्ली और मथुरा से सेना के अधिकारी थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत की. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी संजीव सुमन ने दोनों पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया. वीडियो फुटेज की जांच में पता चला कि विवाद की शुरुआत सैनिकों की ओर से हुई थी, लेकिन पुलिसकर्मी के गलत व्यवहार को भी नजरअंदाज नहीं किया गया.
सैनिक की पत्नी की शिकायत पर दो दारोगाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वहीं, पुलिस ने दोनों सैनिक भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. वीडियो फुटेज दिखाकर दोनों पक्षों को समझौते के लिए राजी किया गया, जिससे मामला शांत हुआ. सभी पक्ष इस समझौते से संतुष्ट हैं, लेकिन यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.