लखनऊ: महाकुंभ में 66 करोड़ लोगों के स्नान करने का रिकॉर्ड बनाने वाला यूपी माघ मेले में नया कीर्तिमान गढ़ रहा है...पहली बार यूपी में ऐसा माघ मेला है लगा, जिसने सबको अभिभूत कर दिया है...एक तरफ नागा साधुओं की मंडली, दूसरी तरफ महीनों तक वहां रहने वाले कल्पवासी, और तीसरी तरफ वीवीआईपी कल्चर का अंत, प्रयागराज को अनोखा बना रहा है...सीएम योगी आदित्यनाथ जहां स्नान कर रहे हैं, इस बार यहां कोई वीवीआईपी घाट नहीं है, ताकि श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो.
शायद यही वजह है कि इटली से आई लुक्रेशिया ये सब देखकर यहां सनातन धर्म अपना लेती है...तो वहीं कनाडा से आई मारिया म्रोज़ियाक कहती हैं, ''ये माघ मेला अतुल्य है, यहां इतनी बड़ी भीड़ बिना किसी शिकायत के चलती है, सबकुछ शानदार तरीके से मैनेज हो रहा है.''
जबकि वियतनाम के पर्यटक कहते हैं यहां कोई नास्तिक भी आए तो वो ईश्वर में यकीन करने लगेगा...प्रयागराज के लोग भी इस बार के माघ मेले का इंतजाम देख सीएम योगी का शुक्रिया अदा कर रहे हैं...
मौनी अमावस्या पर करीब 1 करोड़ लोगों ने स्नान किया...शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो पुलिस ने न सिर्फ उन्हें रोका, बल्कि अपने तरीके से समझाया भी,...और जब वो धरने पर बैठे, झूठ फैलाने लगे तो सीसीटीवी जारी कर पुलिस ने उन्हें बेनकाब कर दिया...सीसीटीवी में साफ दिख रहा है उनके अनुयायी पुलिस की ओर बढ़ते हैं, बैरिकेडिंग तोड़ते हैं और माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं...तो सवाल उठता है क्या महाकुंभ की तरह इस बार भी भगदड़ मचाकर योगी को बदनाम करने की साजिश किसी ने रची थी...अगर हां तो इसकी गहनता से जांच जरूरी है...शंकराचार्य के पद पर बैठे लोगों को ऐसी बातें शोभा नहीं देती...पर कहते हैं जब आपका इंतजाम मुकम्मल हो और भगवान आपके साथ हों, तो साजिश करने वाले भी तुरंत पकड़ लिए जाते हैं...और माघ मेले का इंतजाम तो योगी कई महीने पहले से कर रहे थे...खुद वहां जाना, बैठकें करना, अधिकारियों से अपडेट लेना, और लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को फटकार लगाना, योगी के डेली रुटीन का हिस्सा बन चुका था...क्योंकि इस बार वो माघ मेले में कोई गड़बड़ी नहीं चाहते थे...नतीजा पहले ही दिन जब माघ मेला शुरू हुआ, लाखों श्रद्धालुओं ने बिना किसी परेशानी के स्नान किया...वहां मुस्तैद एटीएस कमांडो ने संभावित खतरे को देखते हुए एक मॉक ड्रिल की, जिसमें एक सुसाइड बॉम्बर को पकड़कर ये दिखाया कि हम हर चुनौती के लिए तैयार हैं....पूरे मेला क्षेत्र की सिक्योरिटी 3 लेयर में की गई है...
सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए हर क्षेत्र की निगरानी की जा रही है...LIU यानि लोकल इंटेलिजेंस के 78 ऑफिसर लगातार पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रख रहे हैं....क्योंकि ये माघ मेला सिर्फ आस्था से जुड़ा नहीं है, बल्कि आस्था से अर्थव्यवस्था तक को मजबूती दे रहा है...उत्तर प्रदेश के विकास में नया कीर्तिमान गढ़ रहा है...जिसका जिक्र कर खुद सीएम योगी आदित्यनाथ कहते हैं महाकुंभ से यूपी को साढ़े तीन लाख करोड़ का राजस्व मिला, और अब माघ मेले से भी करोड़ों की कमाई का अनुमान है...तभी तो रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी कहते हैं योगी आदित्यनाथ राजनीति ही नहीं अर्थव्यवस्था में भी माहिर हैं...
यानि यूपी का प्रयागराज जिसकी पिछली सरकारों में उपेक्षा हुई, जहां भव्य माघ मेला या भव्य महाकुंभ इसलिए नहीं लगा कि कहीं दूसरे वर्ग का वोटबैंक नाराज न हो जाए...वो अब योगीराज में यूपी की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दे रहा है...और इसमें संत योगी आदित्यनाथ की भूमिका सबसे बड़ी हो जाती है...वो खुद श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा करवाते हैं...अधिकारियों को साफ संदेश देते हैं बजट की कोई चिंता नहीं करनी, इंतजाम सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए...साफ-सफाई से लेकर रुकने और आने-जाने तक के इंतजाम में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी...यही वजह है कि विदेश से भी लोग योगी के क्राउड मैनेजमेंट पर रिसर्च करने करते हैं....
हार्वर्ड, स्टेनफोर्ड और क्योटो जैसी यूनिवर्सिटी से लेकर बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन जैसे संस्थान ये रिसर्च करने में जुटे हैं कि इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कुछ ही महीनों में कैसे तैयार होता है, वहां का अर्थशास्त्र, स्वास्थ्य और दुनिया के सबसे विशाल अस्थायी शहर के निर्माण की रणनीति क्या है, ताकि विदेशों में भी क्राउड मैनेजमेंट में इसे लागू किया जा सके.
ये शायद पहली बार हो रहा है, जब अंतर्राष्ट्रीय मीडिया दुनिया के सबसे बड़े सफल आयोजन का श्रेय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को दे रही है...आप माघ मेले में योगी के इन इंतजामों को 10 में से कितने नंबर देंगे....अपनी राय जरूर दें...क्योंकि सवाल सिर्फ मैनेजमेंट का नहीं, सनातन आस्था, कल्पवासियों की श्रद्धा और दुनिया में भारत की मजबूत होती छवि की है...