नई दिल्ली: बिसाहड़ा अख़लाक़ लिंचिंग मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, सूरजपुर कोर्ट ने सोमवार को आरोपियों के खिलाफ़ मामले को वापस लेने की याचिका को ख़ारिज कर दिया. यह आवेदन राज्य सरकार की ओर से दाख़िल किया गया था, जिसमें अभियोजन को वापस लेने की अनुमति मांगी गई थी.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि अभियोजन पक्ष द्वारा दाख़िल याचिका में कोई दम नहीं है और इसका कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है. याचिका को “अप्रासंगिक और आधारहीन” करार देते हुए कोर्ट ने इसे सीधे ख़ारिज कर दिया.
लगभग 10 वर्ष बीत चुके हैं जब 50 वर्षीय मोहम्मद अख़लाक़ की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. यह घटना दादरी के बिसाड़ा गांव में हुई, जो दिल्ली से महज़ 50 किलोमीटर दूर है.
अफवाह फैली थी कि उन्होंने गाय काटी और उसके मांस को घर में रखा हुआ है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय कोर्ट से चार्जशीट में नामित सभी 19 आरोपियों के खिलाफ़ आरोप वापस लेने की अनुमति मांगने के बाद यह मामला फिर सुर्ख़ियों में आ गया.