Trump Netanyahu Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान ईरान के साथ चल रहे युद्ध पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान पर समय रहते हमला न किया होता तो इजरायल का अस्तित्व ही खत्म हो जाता. ट्रंप के अनुसार, ईरान पहले से ही बहुत मजबूत स्थिति में था और वह मध्य पूर्व पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सेना ने बी-2 बॉम्बर से ईरान के ठिकानों पर हमला नहीं किया होता, तो दो हफ्तों के अंदर ईरान के पास परमाणु हथियार तैयार हो जाते. इस हमले ने ईरान की परमाणु क्षमता को बुरी तरह तबाह कर दिया.
उन्होंने आगे बताया कि ईरान ने उन देशों पर भी मिसाइलें दागीं जो इस युद्ध में तटस्थ रहना चाहते थे, जैसे कतर, सऊदी अरब और यूएई. ये देश शुरू में अमेरिका से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन ईरान के हमलों के बाद वे अमेरिका के पक्ष में आ गए. ट्रंप ने कहा, "वे या तो ईरान की तरफ जाते या हमारे साथ आते, और उन्होंने हमारे साथ आने का फैसला किया."
ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि अगर उसके पास न्यूक्लियर हथियार होते तो वह पहले इजरायल पर हमला करता, जो क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा होता. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की 80 प्रतिशत मिसाइल और लॉन्च साइट्स को नष्ट कर दिया है. अब ईरान के पास मिसाइलें और ड्रोन बहुत कम बचे हैं, और अमेरिका लगातार उसके ड्रोन निर्माण स्थलों पर हमले कर रहा है.
अंत में ट्रंप ने भरोसा जताया कि यह युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा. युद्ध खत्म होने के बाद दुनिया ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी. उन्होंने डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधा कि वे इस हमले को गलत ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता इसे समझ रही है और उनका साथ दे रही है.