भारत-अमेरिका डील पर किसान संगठनों का विरोध तेज, 12 फरवरी के लिए बड़ी तैयारी!

Amanat Ansari 08 Feb 2026 12:27: PM 3 Mins
भारत-अमेरिका डील पर किसान संगठनों का विरोध तेज, 12 फरवरी के लिए बड़ी तैयारी!

India-US trade agreement: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) शामिल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना की और कहा कि इसके खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन होंगे. शनिवार को जारी एक बयान में SKM ने आरोप लगाया कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता ढांचा भारतीय कृषि को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निगमों के सामने पूर्ण समर्पण है और उन्होंने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के तत्काल इस्तीफे की मांग की.

ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए SKM नेताओं ने कहा कि गांवों में देश भर में विरोध प्रदर्शन होंगे और वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाएंगे. SKM ने 12 फरवरी की सामान्य हड़ताल का भी समर्थन किया. अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के नेता कृष्णा प्रसाद ने कहा कि यह व्यापार समझौता कृषि क्षेत्र पर गहरा प्रभाव डालेगा क्योंकि सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, पशु चारे के लिए रेड सोरघम और सोयाबीन तेल जैसे आइटमों के लिए बाजार खुल जाएगा.

उन्होंने दावा किया कि इससे डेयरी क्षेत्र भी प्रभावित होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ होने वाले समझौते उनकी "स्थिर" अर्थव्यवस्थाओं को फायदा पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं और ये भारत के लिए फायदेमंद नहीं हैं. कार्यकर्ता सुनीलम ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में बहस होनी चाहिए. क्रांतिकारी किसान यूनियन (पंजाब) के नेता दर्शन पाल ने कहा कि उनके संगठन के सदस्य ट्रंप और मोदी के पुतले जलाएंगे. उन्होंने कहा कि यह समझौता उन किसानों को और प्रभावित करेगा जो पहले ही कम आय व कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं.

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि गांवों में लोग सवाल कर रहे हैं कि ये समझौते उनका क्या असर करेंगे. उन्होंने किसानों से इन समझौतों के खिलाफ विरोध में शामिल होने की अपील की. SKM ने एक बयान में कहा, "यह ढांचा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के उस दावे का पूर्ण खंडन है कि कृषि और डेयरी क्षेत्र मुक्त व्यापार समझौतों से बाहर हैं और भारत सरकार कृषि के हितों पर कोई समझौता नहीं करेगी." SKM ने कहा कि वाणिज्य मंत्री जानबूझकर झूठ फैला रहे हैं और किसानों तथा पूरे देश के साथ धोखा कर रहे हैं. SKM वाणिज्य मंत्री की भूमिका को गद्दार मानता है और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग करता है.

इसमें कहा गया है कि SKM यह भी मांग करता है कि प्रधानमंत्री भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने से बचें, अन्यथा बड़े पैमाने पर अखिल भारतीय एकजुट जन संघर्ष का सामना करना पड़ेगा. SKM ने सभी राजनीतिक दलों, किसान और कृषि मजदूर संगठनों, ट्रेड यूनियनों तथा सभी जन और वर्ग संगठनों से 12 फरवरी की सामान्य हड़ताल पर विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की. SKM (गैर-राजनीतिक) ने भी एक बयान में कहा कि वह जल्द ही बैठक करेगा और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा करेगा, साथ ही कहा कि भारतीय किसान किसी भी ऐसे समझौते को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

बयान के अनुसार, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि जबकि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ट्वीट कर रहे हैं कि कृषि और डेयरी क्षेत्र की रक्षा की जाएगी, लेकिन भारत-अमेरिका संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत ने अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों पर लगाए गए गैर-टैरिफ बैरियर पर चर्चा और समाधान करने पर सहमति जताई है. डल्लेवाल ने कहा कि ये दोनों स्थितियां परस्पर विरोधी हैं, और संयुक्त बयान से स्पष्ट है कि अमेरिकी दबाव में भारतीय सरकार ने भारतीय बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोलने पर सहमति दी है, जिससे भारतीय किसानों को गंभीर नुकसान होगा.

भारत और अमेरिका ने शनिवार को घोषणा की कि उन्होंने एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए ढांचा तैयार कर लिया है, जिसके तहत दोनों पक्ष कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करके द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देंगे. समझौते के अनुसार, वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जबकि नई दिल्ली अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की व्यापक श्रृंखला पर आयात शुल्क समाप्त या कम करेगी, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, पशु चारे के लिए रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं.

संयुक्त बयान के अनुसार, भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों, विमान और विमान पार्ट्स, कीमती धातुओं, प्रौद्योगिकी उत्पादों और कोकिंग कोल की 500 अरब डॉलर मूल्य की खरीद की मंशा जताई है. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच (सीटीयू) और सेक्टोरल फेडरेशन तथा एसोसिएशन ने श्रम संहिताओं के थोपने और व्यापार समझौतों के खिलाफ 12 फरवरी को एक दिवसीय सामान्य हड़ताल की घोषणा की है.

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