शेखावाटी: राजस्थान के शेखावाटी में इन दिनों गैंगवार देखने को मिल रही है. वर्चस्व को लेकर गब्बर गैंग और ब्लैकिया गैंग जैसे कुख्यात गिरोह एक दूसरे की जान लेने पर तुले हुए हैं. दोनों गुटों की तरफ से लगातार एक दूसरे पर फायरिंग और हमले हो रहे हैं. हाल ही में झुंझुनू जिले में हुए दो बड़े हमले ने इस लड़ाई की आग में घी डालने का काम किया है. हालांकि स्थानीय पुलिस ने इन घटनाओं के मुख्य आरोपी लकी गुर्जर और हेमंत मान को काबू कर लिया है.
दरअसल, 10 और 13 जनवरी को झुंझुनू जिले के गुढ़ागौड़जी थाना इलाके में फायरिंग की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं थी. पहली घटना में हिस्ट्रीशीटर आदित्य मीना के घर पर 9 राउंड गोलियां चलाई गई थी. इसके तीन दिन बाद रोहित महला के घर पर 25 राउंड फायरिंग हुई थी. इतना ही नहीं एक दूसरे पर हमले के बाद आरोपी जिम्मेदारी लेने से भी पीछे नहीं हटे. आरोपियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इन घटनाओं की जिम्मेदारी ली.
इन घटनाओं के बाद झुंझुनू पुलिस पर दबाव बढ़ा तो पुलिस ने मामले की छानबीन करनी शुरू कर दी. इसी बीच पुलिस को आरोपी लकी गुर्जर और हेमंत मान का सुराग मिल गया. पुलिस को एक आरोपी का लोकेशन प्रयागराज महाकुंभ मिला तो दूसरे का दिल्ली, जिसके बाद झुंझुनू पुलिस ने महाकुंभ मेले से लकी गुर्जर और दिल्ली से हेमंत मान को गिरफ्तार कर लिया. मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था. साथ ही इन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 5000 किलोमीटर तक पीछा भी करना पड़ा.
इन गुटों के बीच विवाद की वजह सट्टे के पैसों को बताया जा रहा है. दावा किया जाता है कि पैसों का विवाद पिछले दो साल से धीरे-धीरे बढ़ता गया और अब हिंसा का रूप ले लिया. हालांकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो राहत की बात है, लेकिन ऐसी घटना पर पूरी तरह से लगाम लगे इस बात का भी खयाल रखा जा रहा है. साथ ही पुलिस भी लगातार स्थानीय स्तर पर कार्रवाई कर रही है.