गाजियाबाद में 3 बहनों की मौत से पहले 2015 में पिता की लिव-इन पार्टनर ने भी छत से कूदकर की थी आत्महत्या

Amanat Ansari 08 Feb 2026 09:38: AM 2 Mins
गाजियाबाद में 3 बहनों की मौत से पहले 2015 में पिता की लिव-इन पार्टनर ने भी छत से कूदकर की थी आत्महत्या

Ghaziabad three sisters suicide case: गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों के छत से कूदकर आत्महत्या करने के कुछ दिनों बाद, पुलिस ने शनिवार को पुष्टि की कि उनके पिता चेतन कुमार पहले भी 2015 में अपनी लिव-इन पार्टनर की मौत से जुड़े एक मामले में शामिल थे. इससे जांच में नया मोड़ आ गया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पुरानी घटना को ध्यान में रखते हुए परिवार की परिस्थितियों और बच्चों की मानसिक स्थिति की जांच की जा रही है.

2015 का केस सुसाइड के रूप में बंद हुआ था

डीसीपी (ट्रांस हिंडन) निमिश पाटिल ने बताया कि चेतन कुमार की लिव-इन पार्टनर 2015 में साहिबाबाद थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर कॉलोनी में एक फ्लैट की छत से गिरकर मर गई थी. पाटिल ने कहा कि शुरुआत में मौत को संदिग्ध माना गया था, लेकिन जांच के बाद इसे आत्महत्या घोषित कर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस पुरानी घटना को तीन बहनों की मौत से जोड़ने का कोई सबूत नहीं है.

वर्तमान में चेतन कुमार की की हैं तीन पत्नियां

पुलिस सूत्रों ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ के बाद बताया कि चेतन कुमार की वर्तमान में तीन पत्नियां हैं, सुजाता, हीना और टीना तीनों बहनें हैं. सूत्रों के अनुसार, सुजाता निशिका की मां हैं. हीना प्राची और पाखी की मां हैं. जांचकर्ता यह देख रहे हैं कि क्या इस जटिल पारिवारिक ढांचे और घरेलू माहौल का बच्चों की मानसिक सेहत पर कोई असर पड़ा था.

सुसाइड नोट में बहनों ने पिता को संबोधित किया

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लड़कियों के कमरे से बरामद सुसाइड नोट में वे अपने पिता से ज्यादा भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई नजर आती हैं. एक अधिकारी ने कहा कि लड़कियों ने नोट में पिता को संबोधित किया है और माताओं का जिक्र नहीं किया. एक नौ पेज की पॉकेट डायरी भी कमरे से जब्त की गई है, जिसकी जांच चल रही है.

फोन छीन लिए गए, जिससे परेशानी बढ़ी

पुलिस अधिकारियों ने दोहराया कि बहनें अपने पिता के फोन छीन लेने से बहुत परेशान थीं. जांच के अनुसार, चेतन कुमार ने लड़कियों के कोरियन ऐप्स, ऑनलाइन गेम्स और विदेशी दोस्तों के साथ अत्यधिक इस्तेमाल देखकर उनके मोबाइल फोन छीन लिए थे. बाद में उन्होंने वे फोन बेच भी दिए. घटना की रात लड़कियों ने अपनी मां का फोन लिया, लेकिन उसमें कोरियन ऐप्स एक्सेस नहीं कर पाईं.  पाटिल ने कहा कि फोरेंसिक जांच में उस डिवाइस पर किसी कोरियन ऐप का कोई निशान नहीं मिला.

साइबर और फोरेंसिक टीम सबूतों पर काम कर रही

साइबर क्राइम टीम बेचे गए फोनों के IMEI नंबर के जरिए खरीदारों का पता लगा रही है ताकि डिजिटल डेटा निकाला जा सके. फिंगरप्रिंट, सुसाइड नोट और हैंडराइटिंग सामग्री फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में भेजी गई है, रिपोर्ट का इंतजार है. पाटिल ने कहा कि हम मामले की हर संभावित एंगल से जांच कर रहे हैं और सभी दावों की पड़ताल कर रहे हैं.

महिला आयोग ने लापरवाही का मामला उठाया

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह ने शनिवार को परिवार से मुलाकात की और प्रारंभिक निष्कर्षों में अत्यधिक पढ़ाई का दबाव और माता-पिता की लापरवाही को जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि बच्चों की मानसिक स्थिति को सही समय पर नहीं समझा गया. आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

केस को सुसाइड के रूप में ही देखा जा रहा

पुलिस का कहना है कि भारत सिटी सोसाइटी के नौवीं मंजिल से कूदकर मौत हुई निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) की मौत को आत्महत्या के तौर पर ही देखा जा रहा है. फोरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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