देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के देहरादून कार्यालय पहुंचे. वे 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए थे. रावत ने पूछताछ से पहले एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें दो दिन पहले ED का नोटिस मिला था. उन्होंने गले में अपनी मां की तस्वीर पहनी हुई थी.
रावत ने कहा कि एजेंसी ने उनसे बड़ी संख्या में दस्तावेज मांगे हैं, जिनमें उनके पुराने इनकम टैक्स रिटर्न, संपत्ति के विवरण और परिवार के सदस्यों से जुड़े कागजात शामिल हैं. उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों की परिभाषा स्पष्ट न होने और बेटियों के विवाहित होने के कारण पुराने दस्तावेज जुटाने में दिक्कत हुई. रावत ने किसी को अपनी ED यात्रा की पूर्व सूचना नहीं दी थी. यह मामला उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 2016 में आयोजित VPDO भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है.
इससे पहले 10 सितंबर को ED ने देहरादून में कई जगहों पर छापेमारी की थी, जिसमें रावत के वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना (जो उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD भी रह चुके हैं) के आवास शामिल थे. वहां से नकदी, सोना और लग्जरी घड़ियां बरामद होने का दावा किया गया था. छापे के बाद 12 सितंबर को रावत ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की थी.