चंडीगढ़: हरियाणा भाजपा की वरिष्ठ नेता डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. कारगिल युद्ध में पति के बलिदान के बाद राजनीति में कदम रखने वाली सुधा यादव का यह राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. डॉ. सुधा यादव महेंद्रगढ़ (अब गुरुग्राम क्षेत्र) से सांसद रह चुकी हैं. वे भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद सहयोगियों में गिनी जाती हैं.
उनके पति सुखबीर सिंह यादव सीमा सुरक्षा बल में डिप्टी कमांडेंट थे, जो 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे. वर्ष 1999 में जब नरेंद्र मोदी हरियाणा भाजपा के प्रभारी थे, तब उन्होंने सुधा यादव को लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया. राजनीति में पहले साल ही उन्होंने भाजपा टिकट पर राव इंद्रजीत सिंह को करीब 1.39 लाख वोटों से हराया और 13वीं लोकसभा में महेंद्रगढ़ का प्रतिनिधित्व किया.
2004 के बाद चुनाव हारने के बावजूद संगठन में उनकी भूमिका बनी रही. 2015 में उन्हें भाजपा ओबीसी मोर्चा की राष्ट्रीय प्रभारी बनाया गया. 2019 से 2022 तक वे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य रहीं. 2022 में भाजपा संसदीय बोर्ड में शामिल होकर वे सुषमा स्वराज के बाद इस पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला बनीं.
कर्नाटक में नई भूमिका
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है और हरियाणा के कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला राज्य के प्रभारी हैं. ऐसे में संवैधानिक पद पर डॉ. सुधा यादव की नियुक्ति से हरियाणा का जुड़ाव दोनों तरफ से दिखेगा. राज्यपाल का पद दलगत राजनीति से ऊपर संवैधानिक जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है. डॉ. सुधा यादव का लंबा राजनीतिक अनुभव अब कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में नई संवैधानिक भूमिका से जुड़ गया है.